Chhattisgarh Police Action : रायपुर: राजधानी में आईपीएल (IPL) के शुरू होने से पहले ही सट्टेबाजी का बड़ा नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे एक संगठित गिरोह को पुलिस ने दबोच लिया है। यह गिरोह विदेशों से ‘सट्टा ट्रेनिंग’ लेकर लौटा था और रायपुर में युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी की बारीकियां सिखा रहा था। पुलिस ने इस कार्रवाई में मास्टरमाइंड समेत 4 बुकी को गिरफ्तार किया है और उनके पास से 75 लाख रुपये नगद व भारी मात्रा में डिजिटल डिवाइस बरामद किए हैं।
विदेश रिटर्न सटोरिए दे रहे थे ट्रेनिंग
पुलिस की क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र में कुछ लोग ‘आल पावर’ और ‘क्लासिक गेमिंग’ जैसे एप्स के जरिए ऑनलाइन सट्टे का जाल बिछा रहे हैं। जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड विक्रम कोरी, रितेश गोविंदानी और अकरम विदेश से लौटकर यहां पैनल आईडी बांट रहे थे और नए लड़कों को सट्टेबाजी के धंधे में उतारने की ट्रेनिंग दे रहे थे।
5 सालों से चल रहा था ‘सट्टा साम्राज्य’
पुलिस की गिरफ्त में आया मुख्य आरोपी रितेश गोविंदानी पिछले 5 सालों से सट्टा और खाईवाली के काले कारोबार में लिप्त है। रितेश और उसका पार्टनर विकास अग्रवाल मिलकर महाराष्ट्र के कल्याण और पुणे समेत कई शहरों में अपनी 17 ब्रांच संचालित कर रहे थे। ये लोग सट्टे के पैसे के लेनदेन के लिए ‘म्यूल अकाउंट्स’ (दूसरों के बैंक खाते) का इस्तेमाल करते थे ताकि कानूनी कार्रवाई से बच सकें।
बड़ी बरामदगी और पुलिस की चेतावनी
पुलिस ने आरोपियों के पास से लैपटॉप, कई मोबाइल फोन और 75 लाख रुपये का मशरूका (माल) जब्त किया है। आरोपियों में तरुण गोविंदानी, नीरव पटेल, विशाल बजाज और सागर घिंडवानी जैसे नामों की संलिप्तता भी पाई गई है। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। आईपीएल के सीजन से पहले पुलिस की इस मुस्तैदी ने सटोरियों के बीच हड़कंप मचा दिया है।