रायपुर। शराब घोटाले में दूसरी बार गिरफ्तार निलंबित राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारी सौम्या चौरसिया को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है। मंगलवार रात लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने सौम्या चौरसिया को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आगे की पूछताछ के लिए उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद अदालत ने ईडी को तीन दिन की रिमांड मंजूर की।
यह दूसरी गिरफ्तारी कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल और कथित तांत्रिक केके श्रीवास्तव से पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर की गई है। रिमांड सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से अधिवक्ता डॉ. सौरभ पाण्डेय ने अदालत को बताया कि शराब घोटाले में सौम्या चौरसिया को लक्ष्मीनारायण बंसल के माध्यम से कुल 115 करोड़ रुपये मिले थे। इनमें से 72 करोड़ रुपये केके श्रीवास्तव के जरिए हवाला के माध्यम से ट्रांसफर कराए गए, जबकि शेष 43.50 करोड़ रुपये की एंट्रियां सौम्या की डायरी में दर्ज पाई गई हैं।
ईडी के अनुसार, इन एंट्रियों को लेकर की गई पूछताछ में सौम्या संतोषजनक जवाब नहीं दे पाईं, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। सौम्या चौरसिया की ओर से अधिवक्ता हर्ष परगनिहा ने पक्ष रखा। ईडी अधिवक्ता ने यही जानकारी मीडिया को भी दी।
उल्लेखनीय है कि सौम्या चौरसिया कोयला घोटाला मामले की भी मुख्य आरोपियों में शामिल हैं। इससे पहले मई माह में सुप्रीम कोर्ट की शर्तों पर सौम्या चौरसिया समेत छह आरोपियों को रिहा किया गया था। रिहाई के दौरान उन्हें राज्य से बाहर रहने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद वह बेंगलुरु में रह रही थीं और प्रत्येक माह अदालत में उपस्थित होकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराती थीं।