रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास में इंटरनेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ सस्टेनेबल डेवलपमेंट (IISD) और स्वनिति इनिशिएटिव की रिपोर्ट ‘मैपिंग इंडियाज स्टेट लेवल एनर्जी ट्रांज़िशन: छत्तीसगढ़’ का विमोचन किया। इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के शोधकर्ताओं ने मुख्यमंत्री से सौजन्य भेंट की और रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष साझा किए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार, ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में सरकार द्वारा अपनाई जा रही रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा दक्षता से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सके।
शोधकर्ताओं ने इस दौरान भारत के 52 कोयला उत्पादक जिलों के ऊर्जा संक्रमण जोखिमों पर आधारित ‘एनर्जी ट्रांज़िशन वल्नरेबिलिटी इंडेक्स’ भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पारंपरिक कोयला क्षेत्रों में ‘जस्ट ट्रांज़िशन’अर्थात् आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से न्यायपूर्ण बदलाव अत्यंत आवश्यक है। यह इंडेक्स इन क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार ढांचे और वैकल्पिक आजीविका संभावनाओं का आकलन करता है, जो नीति निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और ऊर्जा विभाग के सचिव रोहित यादव भी उपस्थित रहे।