चारामा। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन कांकेर ने पिछड़ा वर्ग के 13वें स्थापना दिवस कार्यक्रम के दौरान भानुप्रतापपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता पर पुनर्विचार याचिका दायर करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से पेंशन निर्धारण, 20 वर्ष में पूर्ण पेंशन और एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों के लिए क्रमोन्नति का जनरल आर्डर जारी करने की मांग की गई।
एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव हेमेंद्र साहसी, जिलाध्यक्ष स्वदेश शुक्ला, जिला सचिव संतोष जायसवाल और मीडिया प्रभारी कृष्णेंदु आइच ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 1 सितम्बर 2025 के निर्णय के अनुसार 5 वर्ष से अधिक सेवा वाले शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 17 अगस्त 2012 के राजपत्र नियमों के तहत टीईटी अनिवार्य किया गया था, जबकि इसके पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए यह लागू नहीं था।
ज्ञापन में पेंशन निर्धारण के मुद्दे पर भी ध्यान आकर्षित किया गया। सेवा अवधि की गणना संविलियन दिनांक 1 जुलाई 2018 से होने के कारण 2028 से पूर्व सेवानिवृत्त होने वाले एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। इस कारण, पूर्व सेवा अवधि को शामिल करते हुए समस्त एल.बी. संवर्ग के शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन निर्धारित करने की मांग की गई है।
इसके अलावा, भारत सरकार और अन्य राज्यों के आदेशों का हवाला देते हुए 20 वर्ष की अर्हकारी सेवा में पूर्ण पेंशन का प्रावधान लागू करने और उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेशानुसार क्रमोन्नति/समयमान का जनरल आर्डर जारी करने का अनुरोध किया गया।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी निरंकार श्रीवास्तव, पुरुषोत्तम सोनवंशी, विकासखंड अध्यक्ष भोला प्रसाद ठाकुर, गोरखनाथ ध्रुव, बोधन साहू, दशरथ उइके, राजेश शर्मा, किशोर विश्वकर्मा, राममनोरथ राय और पतिराम कुमेटी उपस्थित रहे।