छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की न्यायिक रिमांड बढ़ा दी गई है। सोमवार को पिछली रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से एक बार फिर 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा मांगी गई कस्टोडियल रिमांड पर सुनवाई 19 अगस्त को होगी।
गिरफ्तारी और रिमांड का सिलसिला
ईडी ने चैतन्य बघेल को 18 जुलाई को उनके जन्मदिन के दिन भिलाई से हिरासत में लिया था। शुरुआत में उन्हें 5 दिन की ईडी कस्टडी दी गई थी। इसके बाद अदालत ने दो बार 14-14 दिन की न्यायिक रिमांड दी और अब तीसरी बार भी उन्हें जेल भेजा गया है।
ईडी के आरोप
ईडी का आरोप है कि शराब घोटाले से मिली 16.70 करोड़ रुपये की राशि चैतन्य बघेल तक पहुंची, जिसे उन्होंने रियल एस्टेट और अन्य प्रोजेक्ट्स में निवेश किया। एजेंसी का दावा है कि उन्होंने फर्जी निवेश दिखाकर ब्लैक मनी को व्हाइट करने की कोशिश की। वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुए 2100 करोड़ रुपये के घोटाले की फंडिंग और मैनेजमेंट में भी चैतन्य की भूमिका रही।
अदालत और याचिकाएं
ईडी की कार्रवाई को चुनौती देने के लिए चैतन्य बघेल ने पहले सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से उन्हें हाई कोर्ट जाने की सलाह मिली। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। हाई कोर्ट ने 12 अगस्त को सुनवाई करते हुए ईडी को नोटिस जारी किया और 26 अगस्त तक जवाब मांगा है।
जेल में सुविधाओं की कमी की शिकायत
अदालत में चैतन्य बघेल के वकील ने शिकायत की कि जेल में उन्हें साफ पीने का पानी तक नहीं मिल रहा। इस पर अदालत ने जेल प्रशासन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को होगी।