राजनांदगांव: जिले में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 7 आदतन अपराधियों को जिला बदर कर दिया है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 3, 5 व 6 के तहत की गई है।
क्यों किया गया जिला बदर?
- इन आरोपियों के खिलाफ मारपीट, चोरी, लूट, सट्टा, अवैध शराब बिक्री, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले दर्ज थे।
- 2 आरोपियों को 3 महीने और 5 आरोपियों को 6 महीने के लिए जिले से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
- अगर कोई आरोपी नियम तोड़ता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कौन हैं ये आरोपी?
- नंद कुमार साहू (डोंगरगढ़) – अवैध शराब बेचने के आरोप में
- सज्जन टांडेकर (रामपुर) – चोरी, लूट और मारपीट के मामले
- कोमल यादव (गठुला) – झगड़े और अवैध शराब के आरोप में
- खूबलाल जंघेल (मोतीपुर) – अवैध शराब बिक्री के मामले में
- सागर वाहने (चिखली) – हथियार रखने और लूट के आरोप में
- भास्कर खान (चिखली) – हत्या और मारपीट के मामले
- अरशद असरफी खान (डोंगरगढ़) – जुआ और हिंसा के आरोप में
पुलिस-प्रशासन की सख्त निगरानी
- पुलिस अधीक्षक मोहित गर्ग और कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई।
- पुलिस का कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी ताकि जिले में शांति बनी रहे।
- सभी आरोपियों को सीमावर्ती क्षेत्रों से बाहर रहने का आदेश दिया गया है।
राजनांदगांव पुलिस का संदेश स्पष्ट है – “अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं!” आगे भी ऐसे तत्वों पर कार्रवाई जारी रखी जाएगी।