काम के घंटे बढ़ाने की योजना
राजकुमार मल
भाटापारा- 1 लाख पाउच हर रोज के करीब पहुंचता देख पानी का कारोबार बेहद खुश हैं। पहली बार, जार में भी डिमांड दोगुनी के करीब जा पहुंची है।
पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर इस बार बिक्री का नया कीर्तिमान बना सकता है क्योंकि हर पैकिंग भरपूर डिमांड में है। तेज धूप और गर्मी से आमजनमानस भले ही हलाकान हो लेकिन मौसम का यह तेवर पानी के कारोबार को प्रसन्न किए हुए है। हालांकि अनुमान तो था बहुत का लेकिन डबल डिमांड की धारणा नहीं थी। इसलिए अब काम के घंटे बढ़ाए जा रहें हैं।
डिमांड डबल, पाउच में
बीती गर्मी में हर रोज लगभग 40 से 45 हजार पानी पाउच की डिमांड निकल रही थी लेकिन इस बार यह 1 लाख पाउच के करीब पहुंच रही है। और भी आगे जा सकती है मांग पाउच में क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की खरीददारी शहरी क्षेत्र से आगे बढ़ रही हैं। बताते चलें कि पैक्ड पानी के कुल बाजार में लगभग 75 फ़ीसदी हिस्सेदारी पानी पाउच की ही है।
नया बदलाव जार में
व्यावसायिक संस्थानों और कार्यालयों तक सीमित रहने वाले जार ने अब दस्तक दे दी है घरेलू उपभोक्ताओं के द्वार पर। ऐसे में करीब 5 हजार के आसपास रहने वाला जार, अब हजार जार रोज के आसपास पहुंचता नजर आ रहा है। बढ़त की संभावनाओं को बल इसलिए मिल रहा है क्योंकि मांग के अनुरूप पेयजल की उपलब्धता नहीं हो पा रही है।
बढ़ा रहे काम के घंटे
जिले में दर्जन भर के करीब पैक्ड ड्रिंकिंग वॉटर के कारोबार से जुड़ी इकाइयां संचालित हो रहीं हैं। मांग के अनुरूप उपलब्धता में कमी आती देख यह इकाइयां अब काम के घंटे बढ़ा रहीं हैं। इसके अलावा अग्रिम भंडारण जैसे उपाय की भी किए जाने लगे हैं। इस पर सीजन के अंत तक अमल की योजना है। बाद के महीनों के लिए मौसम के अनुसार कार्य योजना पर मंथन चल रहा है।