Datia News : दतिया में मंगलवार को चुनाव प्रचार का शोर थम गया। प्रचार का समय खत्म होते ही प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। पुलिस ने तुरंत अपनी कार्रवाई शुरू कर दी जिससे हलचल मच गई। इस बार यहां मुख्य मुकाबला तीन पार्टियों के बीच है। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के साथ ही आजाद समाज पार्टी ने भी अपनी पूरी ताकत लगा दी है। अब प्रचार बंद होने के बाद वोटरों को अपने पक्ष में करने का गुप्त खेल शुरू हो चुका है। दतिया विधानसभा चुनाव के इस रोमांचक मोड़ पर हर किसी की नजर बनी हुई है।
होटल और ढाबों पर पुलिस का पहरा
प्रचार का समय खत्म होते ही क्षेत्र से बाहरी लोगों को बाहर निकालने के लिए सख्ती शुरू हो गई है। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल के निर्देश पर 4 विशेष टीमें बनाई गई हैं। ये टीमें शहर के हर होटल, लॉज और ढाबे की गहन तलाशी ले रही हैं। चुनाव का नियम है कि प्रचार खत्म होने के बाद क्षेत्र से बाहर का कोई भी व्यक्ति वहां नहीं रुक सकता। इसलिए पुलिस एक-एक कमरे की तलाशी लेकर बाहरी लोगों को बाहर भेज रही है। इससे चुनावी गणित बैठाने में जुटे नेताओं की चिंता बढ़ गई है।

भाजपा के बड़े नेताओं ने झोंकी ताकत
अपनी सीट बचाने के लिए भाजपा ने सभी बड़े नेताओं को मैदान में उतार दिया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रसिद्ध मां पीतांबरा पीठ में पूजा करने के बाद शहर में एक बड़ा रोड शो किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसई इलाके में बड़ी सभा की। इनके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और पूर्व गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने भी घर-घर जाकर वोट मांगे।
कांग्रेस का जमीन पर सघन प्रचार
कांग्रेस ने भी इस बार कोई कसर नहीं छोड़ी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पिछले 3 दिनों से यहीं डेरा डाले हुए थे। उन्होंने पूरे इलाके को 4 हिस्सों में बांटकर छोटी-छोटी कई सभाएं कीं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उनके बेटे जयवर्धन सिंह ने भी गांव-गांव जाकर चौपाल लगाई। रात के समय भी नेताओं का लोगों के घर जाने का सिलसिला चलता रहा। अब 4 टीमों की निगरानी के बीच देखना है कि जनता किसे अपना आशीर्वाद देती है।