ऑनलाइन अटेंडेंस पर वेतन कटौती का आदेश अव्यावहारिक, संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ ने दी आंदोलन की चेतावनी

Balodabazar News : बलौदा बाजार। लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ द्वारा जारी ऑनलाइन अटेंडेंस के आधार पर वेतन आहरण और कटौती संबंधी आदेश का संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ ने कड़ा विरोध किया है। संघ के प्रांताध्यक्ष विक्रम राय ने 27 जुलाई 2026 को जारी पत्र (क्रमांक/स्था.1/राज/वे.भु./2026/2201) को पूरी तरह अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक करार दिया है।

संघ का कहना है कि प्रदेश के शासकीय स्कूलों, विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, सर्वर डाउन, मोबाइल ऐप की तकनीकी खामियां और लगातार बिजली कटौती एक आम समस्या है। कई बार शिक्षक समय पर उपस्थिति दर्ज करते हैं, लेकिन पोर्टल पर डेटा अपडेट नहीं हो पाता। ऐसे में केवल ऑनलाइन हाजिरी को आधार बनाकर शिक्षकों और कर्मचारियों का वेतन काटना सीधे तौर पर उनके साथ अन्याय है।

विक्रम राय ने स्पष्ट किया कि शिक्षक का मुख्य कार्य पढ़ाना है, न कि रोज-रोज तकनीकी समस्याओं से जूझना। संघ ने शासन-प्रशासन के समक्ष प्रमुख रूप से तीन मांगें रखी हैं:

  1. वेतन कटौती का आदेश तत्काल वापस लिया जाए और ऑफलाइन उपस्थिति पंजी को भी मान्य किया जाए।
  2. तकनीकी समस्या होने पर कर्मचारियों को जिम्मेदार न ठहराया जाए।
  3. सभी स्कूलों में इंटरनेट, स्मार्टफोन और बिजली की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद ही ऑनलाइन अटेंडेंस अनिवार्य की जाए।

संघ ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिवस के भीतर यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो संकुल शैक्षिक समन्वयक संघ उग्र आंदोलन करेगा। इसके तहत जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय और संचालनालय का घेराव किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संघ ने इस विरोध में प्रदेश के सभी शिक्षक संगठनों से भी साथ देने की अपील की है।

इस अवसर पर संघ के प्रांताध्यक्ष विक्रम राय गुरुजी, प्रांतीय सचिव, प्रांतीय पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में संकुल समन्वयक उपस्थित थे।

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