दिलीप गुप्ता, सरायपाली। सरायपाली के नगर वासी जिस दिन नगर में अव्यवस्थित व असुरक्षित यातायात से बचने के लिए गौरवपथ के स्वीकृति व निर्माण प्रारंभ होने से काफी खुश थी कि अब उन्हें सुविधायुक्त व सुगम यातायात हेतु गौरव पथ की सुविधाएं उपलब्ध हो गई है किंतु नगरवासियों की यह खुशी नगरपालिका व ठेकेदार के अदूरदर्शी निर्णय के चलते चंद दिनों में ही हवा हो गई । यह गौरवपथ अब नगरवासियों व राहगीरों के लिए परेशानियों का सबब बन गया है । लगभग 2 वर्षों बाद भी नगरपालिका के चुने हुवे पदाधिकारियों व ठेकेदार की लापरवाही के कारण यह पूर्ण नहीं हो सका है । ठेकेदार की निरंकुशता व हटवादिता के चलते आज भी नगर में नाली निर्माण का कार्य अधूरा है । बनाए गए नाली में आ रहे पानी के निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने से नवनिर्मित नाली में मिट्टी कचरा व गंदगियों के कारण पूरा भर जाने के कारण नाली का पानी अब क्षतिग्रस्त नाली के माध्यम से यह गंदा पानी ओव्हर फ्ल्यूड होकर नीचे हो चुके घरो व दुकानों में घुस रहा है जिससे नगरवासी परेशान हैं।
वहीं डिवाइडर में सुंदरता के लिए फुलयुक्त पौधे लगाये गए थे किंतु यहां भी लापरवाही बरतते हुवे पर्याप्त संख्या में पौधे नहीं लगाए जाने से अनेक डिवाइडरों में पौधे ही नहीं लगाए गएं हैं इनके स्थान पर अनावश्यक पौधे भरी संख्या में उग आयें है जिसके चलते ये अनावश्यक पौधे डिवाइडरों व नगर की शोभा में चार चांद लगा रहे हैं । इसी तरह ठेकेदार द्वारा डिवाइडरों में पौधारोपण किए जाने हेतु मिट्टी डाला जा रहा था उस समय मिट्टियों को व्यवस्थित नहीं किया गया था जिसके कारण अनेक स्थानों पर डिवाइडरों के ऊपर तक मिट्टी डाल दिए जाने के बाद पानी लगने से यह मिट्टियाँ पानी के साथ नवनिर्मित गौरवपथ में आ रही थी जिससे सदके मिट्टी व कीचड़युक्त होने से लोग कीचड़ के कारण सड़क में ही गिर रहे थे ।
मुख्य नाली को बने लगभग दो वर्ष हो गए किंतु आज भी नाली के किनारे गौरवपथ तरफ मिट्टियों के कम जाने के कारण बरसाती पानी नाली तरफ नहीं जा पा रहा है जिससे सड़क में पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित होने के साथ साथ सड़कों को भी नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है । इस संबंध में सीएमओ दिनेश यादव ने बताया कि उपरोक्त सभी समस्याओं के निराकरण हेतु अनेकों बार संबंधित ठेकेदार को पत्र लिखा गया है किंतु उसके द्वारा कार्डी नहीं किए जाने के कारण परेशानिया और बढ़ गई है ।
अधूरी व क्षतिग्रस्त नालियां अदूरदर्शी निर्णय
गौरवपथ के किनारे सड़क के पानी निकासी हेतु सड़क के दोनों तरफ लगभग साढ़े तीन फीट चौड़ी नालियों का निर्माण किया गया है । यह नालियां आज भी सफाई के लिए मोहताज है । इन दो वर्षों के दौरान एक बार भी इस नाली की सफाई नहीं की गई है जिसके चलते मिट्टी , कचरों व गंदगियों से नालियां भर चुकी है । गुणवत्ताहीन सामग्रियों के उपयोग व कमीशन के लालच के चलते नगरपालिका के अधिकारियों व परिषद द्वारा नाली निर्माण के दौरान कभी भी सामने खड़े होकर निरीक्षण नहीं किए जाने के कारण ठेकेदार द्वारा गुणवत्ताहीन नाली का निर्माण कर दिया गया । नाली निर्माण में व्यापक रूप से भ्रष्टाचार के चलते आज अनेक स्थानों पर नाली का निर्माण अधूरा छोड़ दिया गया है । वहीं लगभग 50 स्थानों पर कहीं नालियां क्षतिग्रस्त हो गई तो कही छोड़े गए स्थान पर ढक्कन तक नहीं लगाया गया है । खुले व क्षतिग्रस्त नालियों से हमेशा दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है । दिखाई नहीं दिए जाने के कारण छोटे वाहन इन नालियों में धंस रहे हैं । नगरपालिका द्वारा मात्र चार माह के बरसाती पानी के लिए करोड़ो रूपयों की लागत से छोटी मोटी भी नहीं लगभग चार फीट चौड़ी नाली निर्माण कर दिया गया पर सड़क किनारे घरों व दुकानों से बारह महीनों निकलने वाले घरेलू व व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई ।जिससे इनके समक्ष पानी निकासी की समस्या आज भी बनी हुई है । यह नगरपालिका के तत्कालीन व वर्तमान परिषद के अदूरदर्शी निर्णय की ओर इंगित करता है।
डिवाइडर में पर्याप्त पौधों व देखरेख का अभाव
डिवाइडर की पूर्व में प्रस्तावित ऊंचाई को कम कर दिए जाने के पीछे डिवाइडर में लगने वाले पौधों की सुरक्षा का हवाला देते हुवे वर्तमान नपाध्यक्ष के पूर्व नपाध्यक्ष पति द्वारा ऊंचाई को कम कर दिया गया ओर जो कारण बताया गया वह वास्तविक नहीं था । यह निर्णय अपने कुछ चमचो व व्यवसायियों के इस आशंका पर कि सड़क के दूसरे ओर से हमारी दुकानें नहीं दिखेगी की बात कर ऊंचाई कम कर दी गई । आगामी चुनाव जीतना था इसलिए वोट की राजनीति के चलते इस तरह का अविवेकपूर्ण निर्णय लिया गया । ऊंचाई कम होने से मवेशियों द्वारा आराम से पौधों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है । तो वहीं दूसरी ओर इसका फायदा ठेकेदार भी उठाया जा रहा है । सही तरीके से मिट्टी का समतलीकरण नहीं किए जाने से पानी के साथ डिवाइडर के ऊपर तक आ चुके मिट्टी पानी के साथ सड़क में आने से सड़क तो गन्दी हो ही रही है चिकनाई से लोग फिसल भी रहे हैं ।
डिवाइडर में सुंदरता हेतु विभिन्न फूलों के पौधे रोप जाने थे पर अभी तक लगभग 60 प्रतिशत ही पौधे लगाए गए है । जिसके कारण अनेकों स्थानों पर पौधे ही दूर दूर तक नहीं है । शेष पौधों के लगाए जाने की कोई संभावनाएं भी दिखाई नहीं देती । पौधारोपण के बाद ठेकेदार द्वारा समय पर इन पौधों की देखरेख हेतु लापरवाही बरतने जैसे समय पर खाद व पानी नहीं देने , अनावश्यक रूप से उग आए पौधों व घास की सफाई नहीं करने के कारण अनेक पौधे तो समय से पहले ही मर गए । तो वहीं अनावश्यक रूप से बेकार पौधे भरी संख्या में उग आने व बड़ा रूप ले लिए जाने से वे नगर के कथित सुंदरता को जरूर बढ़ावा दे रहे हैं ।
सर्विस रोड व सहायक नाली निर्माण की संभावना क्षीर्ण
बहुप्रतीक्षित गौरव पथ के प्राक्कलन में डिवाइडर , सड़क , नाली निर्माण के साथ ही लगभग 13 फीट चौड़ी सर्विस रोड व 3 फिट चौड़ी सहायक नाली बनाया जाना प्रस्तावित था । इस नाली में घरों व विभिन्न व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के गंदे पानी निकासी हेतु आदेशित था । किंतु नगरपालिका द्वारा विभिन्न बहाने बनते हुवे अब इस सहायक नाली व सर्विस रोड की सुविधाएं नगरवासियों को मिलने की संभावना लगभग क्षीर्ण हो चुकी है। संभव नहीं लगता कि नगरपालिका द्वारा अब इसका निर्माण किया जाएगा । इन सभी समस्याओं का निराकरण नहीं होने के लिए संबंधित नगरपालिका , निर्वाचित परिषद ,अधिकारी व नगरवासी स्वयं जिम्मेदार हैं जिनकी निष्क्रियता व अदूरदर्शिता के चलते नगरवासियों को अपेक्षित सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है ।