Maa Matangi Dham : धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद विकासखंड अंतर्गत स्थित जीजामगांव (बिरेझर) का प्रसिद्ध मां मातंगी देवी धाम श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और अपनी अनोखी परंपराओं के लिए पूरे देश में अलग पहचान बना रहा है। इस धाम की सबसे अनोखी खासियत मंदिर परिसर में घड़ी, ताला, घंटी और नारियल बांधकर मन्नत मांगना है।
घड़ी बंद होते ही शुरू होता है शुभ समय
मंदिर की सबसे खास पहचान परिसर में बंधी हजारों घड़ियां हैं। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धालु अपनी मनोकामना के साथ यहां घड़ी बांधते हैं। माना जाता है कि मंदिर में बांधी गई घड़ी जिस दिन बंद हो जाती है, ठीक उसी वक्त से व्यक्ति के जीवन से बुरा दौर खत्म होकर अच्छे दिनों की शुरुआत हो जाती है। इसी चमत्कारिक विश्वास के कारण दूर-दूर से लोग यहां घड़ी बांधने पहुंचते हैं।
ताला, घंटी और रंग-बिरंगे नारियल का अनोखा रहस्य
मां मातंगी धाम में मन्नत मांगने का तरीका बेहद खास है। श्रद्धालु लाल कपड़े में नारियल बांधकर अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं, जबकि पीले कपड़े में बंधा नारियल परिवार को नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाने का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा जीवन में आ रही आर्थिक, मानसिक व सामाजिक रुकावटों से मुक्ति पाने के लिए भक्त यहां ताला और घंटी भी बांधते हैं।
अंतरराज्यीय आस्था का केंद्र बना धाम
मंदिर के पुजारी हरिओम महाराज के अनुसार, मां मातंगी देवी का यह दरबार वर्षों से भक्तों के लिए संबल बना हुआ है। अब इस मंदिर की महिमा केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि ओडिशा, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों से भी रोजाना सैकड़ों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। दुर्ग और कोरबा से आईं महिला श्रद्धालुओं ने बताया कि वे इस चमत्कारी परंपरा की जानकारी मिलने के बाद ही यहां मन्नत मांगने पहुंची हैं।