रायपुर। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत वर्षों पहले संचालित स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को बिलासपुर, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिलों में एक साथ सात स्थानों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान जांच टीम ने मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनके आधार पर आगे की जांच जारी है।
EOW के अनुसार, यह मामला वित्तीय वर्ष 2005-06 और 2006-07 का है। उस समय संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, रायपुर को राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) / रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (RCH) योजना के तहत राशि प्राप्त हुई थी। इस राशि से राज्य के तत्कालीन 16 जिलों में ‘लोक कला जत्था’ के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने थे।
जांच एजेंसी का आरोप है कि कार्यक्रम के संचालन के दौरान शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचा। इस मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने अपराध क्रमांक 23/2013 और 24/2013 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 420, 467, 468 और 471 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की संबंधित धाराओं के तहत जांच कर रही है।
EOW की टीम ने शुक्रवार को जिन सात स्थानों पर तलाशी ली, वहां से मामले से जुड़े कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जब्त दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। इनके आधार पर मामले में आगे की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
EOW का कहना है कि जांच अभी जारी है और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद इस प्रकरण में आगे और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।