जगदलपुर। बस्तर जिले में खाकी पर घूसखोरी का बट्टा लगने का एक और मामला सामने आया है। कोडेनार थाने में तैनात महिला प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसीबी की जगदलपुर टीम ने गुप्त रणनीति के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-7 के तहत कानूनी शिकंजा कसा गया है।
यह पूरी कार्रवाई ट्रैक्टर की सुपुर्दगी से जुड़ी हुई है। पीड़ित बंगालू यादव ने खेती-किसानी के लिए आयशर ट्रैक्टर खरीदा था, जिसे बड़े काल्लूर निवासी बुधराम चला रहा था। वर्ष 2025 में हुए एक हादसे के दौरान ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरकर एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद से वाहन पुलिस के कब्जे में था।
आरोप है कि महिला प्रधान आरक्षक जब्त ट्रैक्टर के कागजात सौंपने और गाड़ी को सुपुर्दनामा पर रिहा करने के बदले 10 हजार रुपये की अड़ीबाजी कर रही थी। रिश्वत दिए बिना काम करने से मना करने पर परेशान होकर पीड़ित ने सीधे जगदलपुर एसीबी दफ्तर का रुख किया और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत का सत्यापन कराने के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोट देकर भेजा गया। जैसे ही महिला हवलदार ने रिश्वत की राशि स्वीकारी, घात लगाकर बैठी एसीबी की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से कोडेनार थाने में हड़कंप मच गया। टीम ने घूस की राशि जब्त कर आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है।