भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में बड़ा फैसला हुआ है। राज्य में समान नागरिक संहिता बिल पास हो गया है। इस नए कानून के तहत लिव इन रिलेशनशिप नियम का पालन करना हर किसी के लिए जरूरी कर दिया गया है।
रजिस्ट्रेशन का नया नियम
नए नियम के अनुसार जोड़ों को एक साथ रहने की शुरुआत से 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रार के पास जानकारी देना अनिवार्य है। अगर 30 दिन में जानकारी नहीं दी जाती है, तो 3 महीने की जेल और 10000 रुपये का जुर्माना हो सकता है। नोटिस के बाद भी नियम न मानने पर 6 महीने की जेल और 25000 रुपये का जुर्माना लगेगा। झूठी जानकारी देने पर 3 महीने की जेल होगी।
माता पिता और पुलिस को सूचना
अगर साथ रहने वाले पार्टनर में से किसी की उम्र 21 साल से कम है, तो रजिस्ट्रार इसकी जानकारी उनके माता पिता को देगा। यह रिकॉर्ड स्थानीय पुलिस स्टेशन को भी भेजा जाएगा। नियम में महिला के लिए न्यूनतम उम्र 18 साल और पुरुष के लिए 21 साल तय है। यह कानून अनुसूचित जनजाति वर्ग को छोड़कर सभी पर लागू होगा।
रिश्ता खत्म करने की प्रक्रिया
यदि कोई जोड़ा अलग होना चाहता है, तो उसे तय प्रक्रिया के तहत आवेदन देना होगा। पहले से विवाहित व्यक्ति बिना तलाक के किसी अन्य के साथ नहीं रह सकता। धोखा देने पर 5 साल की जेल होगी।
महिला और बच्चों के अधिकार
अगर पुरुष पार्टनर महिला को छोड़ता है, तो महिला अदालत से कानूनी पत्नी की तरह गुजारा भत्ता मांग सकती है। इस संबंध से पैदा होने वाले बच्चों को माता पिता की संपत्ति में पूरा हक मिलेगा।