दिल्ली के शाहदरा जिले में पुलिस ने एक ऐसे बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो छात्रों का भविष्य दांव पर लगाकर फर्जी मार्कशीट बेचने का काम कर रहा था। पुलिस की स्पेशल टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह लोग पैसों के लालच में अब तक कई छात्रों को जाली दस्तावेज दे चुके थे।
पुलिस को इस मामले की पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद शाहदरा स्पेशल स्टाफ ने एक खास योजना बनाई। पुलिस ने अपने एक जवान को ही ग्राहक बनाकर आरोपियों से संपर्क साधा। व्हाट्सएप के जरिए बातचीत हुई और जाली मार्कशीट तैयार करने की बात पक्की हो गई। जब पुलिस को पूरे सबूत मिल गए, तो टीम ने तय जगह पर छापा मारकर मुख्य आरोपी नवनीत त्यागी को रंगे हाथों दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से दसवीं और बारहवीं की दो जाली मार्कशीट भी बरामद हुईं।
मुख्य आरोपी से पूछताछ के बाद पुलिस को दो अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने गाजियाबाद के रहने वाले सबाब आलम और दिल्ली के मौजपुर निवासी फरीद अहमद सैफी को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में इन जालसाजों ने कबूला कि वे अब तक डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों को फर्जी सर्टिफिकेट बेच चुके हैं। एक मार्कशीट के बदले वे लोगों से पांच हजार से दस हजार रुपये तक वसूलते थे।
यह गैंग लोगों को धोखा देने के लिए एक रद्द हो चुके संस्थान के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहा था। वे पुरानी तारीखों में फर्जी दस्तावेज तैयार करके देते थे। पुलिस ने इनके पास से एक लैपटॉप, प्रिंटर और कई जाली दस्तावेज बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।