रायपुर: छत्तीसगढ़ में वसूली, भ्रष्टाचार और आर्थिक अपराधों पर लगाम लगाने के लिए साय सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार विरोधी जांच एजेंसियों—एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW)—को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है। इसी रणनीति के तहत पुलिस विभाग के 10 अनुभवी अधिकारियों को प्रतिनियुक्ति पर रायपुर स्थित ACB-EOW मुख्यालय में तैनात किया गया है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की हरी झंडी मिलने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। विभाग के सचिव रजत कुमार के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के तहत गृह (पुलिस) विभाग से इन अधिकारियों की सेवाएं ली गई हैं। शासन का मुख्य उद्देश्य जांच एजेंसियों की कार्यक्षमता को बढ़ाना और मानव संसाधन की कमी को दूर करना है।
मैदानी अनुभव वाले अफसरों को मिली कमान
शासन ने राज्य के विभिन्न जिलों और पुलिस मुख्यालय से ऐसे अधिकारियों को चुना है, जिन्हें फील्ड पुलिसिंग और जटिल मामलों की जांच का लंबा अनुभव है। प्रतिनियुक्त किए गए अधिकारियों की सूची में शामिल हैं:
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक: नीतेश कुमार गौतम
- एसडीओपी: सिद्धांत तिवारी
- नगर पुलिस अधीक्षक: एलेक्जेंडर किरो
- डीएसपी व निरीक्षक संवर्ग: लक्ष्मी प्रसाद जायसवाल, मंजुलता राठौर, राजेश कुमार झा, दीपमाला कुर्रे, मोनिका श्याम, रोशन आहुजा और रविकांत सहारे।
ये अधिकारी खैरागढ़, रायगढ़, गरियाबंद, बेमेतरा, बस्तर, सुकमा, बीजापुर, राजनांदगांव और पुलिस मुख्यालय जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। अब ये सभी रायपुर स्थित मुख्यालय में आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार से जुड़ी जांच संभालेंगे।
लंबित और हाई-प्रोफाइल मामलों में आएगी तेजी
प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों के दौरान सरकारी योजनाओं में अनियमितता, रिश्वतखोरी और आय से अधिक संपत्ति के कई मामले दर्ज किए गए हैं। ACB और EOW में कई संवेदनशील प्रकरण लंबे समय से लंबित हैं। 10 नए अफसरों की तैनाती से इन मामलों की विवेचना और कानूनी कार्रवाई में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह साय सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी रणनीति का पहला चरण है। आने वाले समय में आवश्यकतानुसार एजेंसियों को और अधिक तकनीकी संसाधन व अतिरिक्त बल भी मुहैया कराया जा सकता है।