नल-जल योजना बनी शोपीस, बारिश में गहराया पेयजल संकट
जशपुर। कुनकुरी विकासखंड के ग्राम पंचायत घटमुण्डा के वार्ड क्रमांक 20 (सरना पारा) में पेयजल का गंभीर संकट बना हुआ है। क्षेत्र में न तो पर्याप्त कुआं है और न ही हैंडपंप, जिसके कारण ग्रामीणों को पीने और दैनिक उपयोग के लिए झरिया (प्राकृतिक जलस्रोत) के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
बरसात के मौसम में झरिया का पानी बारिश के बहाव के कारण मटमैला और दूषित हो जाता है। इसके बावजूद कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीण मजबूरी में इसी पानी का उपयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दूषित पानी पीने से सर्दी, खांसी सहित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोग एहतियात के तौर पर पानी उबालकर पी रहे हैं, लेकिन लगातार बारिश के कारण पानी का रंग और स्वाद भी बदल जाता है।
नल-जल योजना बनी शोपीस
ग्रामीणों का कहना है कि शासन की नल-जल योजना क्षेत्र में पूरी तरह शोपीस बनकर रह गई है। घरों तक नल कनेक्शन तो दे दिए गए, लेकिन आज तक नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है, जिससे लोगों में नाराजगी है।
बोर खनन व हैंडपंप स्थापना की मांग
ग्रामीणों की इस मूलभूत समस्या को देखते हुए भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य शिव प्रकाश तिवारी ने कार्यपालन अभियंता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जशपुर को ज्ञापन सौंपकर वार्ड क्रमांक 20 (सरना पारा) में विभागीय मद से दो नए बोर खनन एवं हैंडपंप स्थापना की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है।
शिव प्रकाश तिवारी ने कहा कि यदि जल्द बोर खनन कर हैंडपंप स्थापित किए जाते हैं तो ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और दूषित पानी पीने की मजबूरी समाप्त होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मांग पूरी नहीं की गई तो इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ग्रामीणों की समस्या से अवगत कराया जाएगा।