19 अगस्त से कांकेर से होगा ओबीसी जनआंदोलन का शंखनाद, अधिकारों की लड़ाई को लेकर सर्व पिछड़ा वर्ग समाज ने भरी हुंकार

कांकेर। छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज द्वारा आयोजित बस्तर संभाग स्तरीय सामाजिक बैठक में 27 प्रतिशत आरक्षण, राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी का पृथक कॉलम, राजनीतिक प्रतिनिधित्व एवं सामाजिक अधिकारों को लेकर व्यापक रणनीति बनाई गई। बैठक में विभिन्न समाजों के अध्यक्ष, पदाधिकारी, युवा, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में सामाजिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अब पिछड़ा वर्ग अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए निर्णायक एवं लोकतांत्रिक जनआंदोलन करेगा।


बैठक का स्वागत उद्बोधन छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के जिला अध्यक्ष माधेश्वर जैन ने दिया। उन्होंने सभी समाजों के अध्यक्षों, पदाधिकारियों, युवा साथियों, मातृशक्ति एवं उपस्थित प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाज की एकता ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने गांव-गांव तक संगठन को मजबूत कर आगामी आंदोलन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया।
डड़सेना कलार समाज के संभागीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम गजेन्द्र ने कहा कि पिछड़ा वर्ग के नाम पर अलग-अलग संगठन चलने से समाज की ताकत बिखरती है। सभी समाजों को एक मंच पर आकर अधिकारों की निर्णायक लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने समाज के लोगों से छत्तीसगढ़ सर्व पिछड़ा वर्ग समाज के नेतृत्व में एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।
संभागीय कलार समाज के अध्यक्ष कमल किशोर जैन ने कहा कि सरकार लगातार पिछड़ा वर्ग के साथ अन्याय कर रही है। अब अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का समय आ गया है और समाज पूरी ताकत से संघर्ष करेगा।
देवाराम साहू ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण लागू होने तक संघर्ष जारी रहेगा और समाज अपने अधिकार लेकर रहेगा।
टी.आर. साहू ने कहा कि पिछड़ा वर्ग प्रदेश का सबसे बड़ा सामाजिक वर्ग है। यदि समाज संगठित हो जाए तो उसकी ताकत को कोई भी सरकार नजरअंदाज नहीं कर सकती। समाज में भाईचारा और संगठन ही सबसे बड़ी आवश्यकता है।
नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक ने कहा कि 27 प्रतिशत आरक्षण सहित पिछड़ा वर्ग की सभी न्यायोचित मांगों के लिए वे समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेंगे।
नीलकंठ शार्दूल ने कहा कि यदि अधिकारों की लड़ाई में आर्थिक नाकेबंदी जैसे बड़े जनआंदोलन की आवश्यकता पड़ी तो समाज उससे भी पीछे नहीं हटेगा।
सुरोजिया जुगानी समाज के अध्यक्ष लोकेश जैन ने कहा कि बस्तर संभाग के सभी समाजों को एक मंच पर संगठित होकर संघर्ष करना होगा, तभी सफलता मिलेगी।
केंवट समाज के जिला अध्यक्ष प्रकाश निषाद ने कहा कि प्रदेश में पिछड़ा वर्ग की 52 प्रतिशत आबादी होने के बावजूद सरकार लगातार उसकी अनदेखी कर रही है। अब समाज अपने अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष करेगा।
विश्वकर्मा समाज के जिला सचिव विजय विश्वकर्मा ने कहा कि अधिकार मांगने से नहीं बल्कि संगठित संघर्ष से मिलते हैं। इसलिए समाज को आंदोलन के लिए तैयार रहना होगा।
टिकेश्वरी सिन्हा ने कहा कि संगठन का विस्तार गांव-गांव तक करना होगा, तभी जनआंदोलन मजबूत होगा।
हिरामणी यादव ने कहा कि संगठन में मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी समय की मांग है। पद और पहचान से अधिक महत्वपूर्ण समाज की एकता है।
मनीष योगी (टेम्पा) ने कहा कि समाज के अधिकारों के लिए आवश्यकता पड़ी तो राजनीतिक दलों से ऊपर समाज का हित रखा जाएगा। जरूरत पड़ी तो दिल्ली के जंतर-मंतर तक भी आंदोलन किया जाएगा।
हरेश चक्रधारी ने कहा कि 19 अगस्त से कांकेर जिले से पिछड़ा वर्ग जनआंदोलन का शंखनाद होगा। यह आंदोलन मानपुर-मोहला, डौंडीलोहारा, नगरी-सिहावा सहित बस्तर संभाग के सभी जिला मुख्यालयों तक पहुंचेगा। इसके बाद संभाग स्तरीय आंदोलन, पदयात्रा और आवश्यकता पड़ने पर विधानसभा घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि “अब अधिकार भीख में नहीं, संघर्ष से लिए जाएंगे। जब तक 27 प्रतिशत आरक्षण, ओबीसी की जातिगत जनगणना और अन्य मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन चरणबद्ध तरीके से और अधिक व्यापक होता जाएगा।”
सोनार समाज की जिला अध्यक्ष अनिता सोनी ने कहा कि पिछड़ा वर्ग समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी समाजों को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।
अरविंद जैन ने युवाओं से समाज के नेतृत्व में आगे आने और अधिकारों की लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
ओमप्रकाश साहू ने कहा कि एकजुट संघर्ष ही समाज को उसका अधिकार दिला सकता है।
देवलाल सोनवंशी ने कहा कि यह केवल आरक्षण की लड़ाई नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। यदि सरकार लोकतांत्रिक मांगों की अनदेखी करती रही तो पूरे प्रदेश में जनआंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में देवांगन समाज से अमृत देवांगन,सर्व यादव समाज की अध्यक्ष सरिता यादव, वैष्णव समाज के अध्यक्ष नरोत्तम वैष्णव, यादव समाज के जिला अध्यक्ष सुदामा यादव, कोंडागांव के जिला अध्यक्ष राजेश साहू, नगरपालिका अध्यक्ष अरुण कौशिक तथा वरिष्ठ अधिवक्ता ईश्वर साहू सहित विभिन्न समाजों के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जितेन्द्र राजकुमार ठाकुर जायसवाल बालकुवर प्रधान, धन्नूराम साहू, लोकनाथ राठौर, मनोज देवांगन, सोनीलाल जैन, परमानंद साहू, धनसिंह विश्वकर्मा, मोतीराम चक्रधारी, रूखम सेन, जोहर पटेल, मुकेश चन्द्राकार, राजकुमार ठाकुर,राजू श्रीवास, राजकुमार साहू, अनित साहू, लक्ष्मी प्रधान, भंजन यादव, नंदा गोसाईं, राजेश कुमार साहू, भागीराम साहू, किरण यादव, फुलबासन जैन, प्रकाश चंद्र निषाद, गिरधर यादव, ईश्वर चंद निषाद, कमल किशोर कश्यप, विद्या सिन्हा, वीणा जैन, नरोत्तम सिन्हा, देवकुमार जैन, माधवलाल जैन, संतोष साहू, तुलसीराम साहू, बीरबल साहू, संजय सोनी, मयंक सोनी, आकाश साहू, यशवंत साहू, हलालू पटेल, पूर्णेश्वर साहू, शंकर हिरवानी, योगेन्द्र कुमार साहू, गंगाराम बघेल, खिलेश हिरवानी, युवराज सिन्हा, राहुल जैन, सोहनलाल साहू, श्यामलाल साहू, बिसम्बर साहू, दसरूराम जैन, संतलाल चक्रधारी, अशीद लाल पटेल, विजय सोनवानी, चक्र सुदर्शन, योगेश साहू, रवि साहू, निर्मल कुमार जैन, रवि सिन्हा, मन्नू यादव, प्रदीप यादव, शीशुपाल पटेल, शिवेंद्र जैन, सुखचंद प्रजापति, दीनदयाल पटेल, योगेश यादव, पुनीत पटेल, रामदयाल निषाद, पिलसाय यादव, मोहित कुमार, नवीन कुमार, रामरत्ती गंजीर, शिवप्रसाद साहू, रामेश्वर डड़सेना, आनंद साहू, रूखमणी साहू, रीना साहू, लेखनी सेन, विनीता सुरोजिया, देवसिंह पटेल, रंजीत यादव सहित बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं एवं विभिन्न समाजों के सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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