विधानसभा में गूंजा सीएम के कार्यक्रम का फर्जी बिल का मुद्दा

विधायक अटल श्रीवास्तव ने सीएम के कार्यक्रम में फर्जी बिल का लगाया आरोप

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के खर्चों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। प्रश्नकाल के दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री के सरकारी कार्यक्रमों के नाम पर फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया और पूरे मामले की जांच की मांग की।

अटल श्रीवास्तव ने सदन में दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए दावा किया कि दिसंबर 2023 से जून 2026 तक बिलासपुर जिले में आयोजित सरकारी कार्यक्रमों में टेंट, मंच, कुर्सियां, लाइट और साउंड सिस्टम जैसी व्यवस्थाओं के नाम पर भारी भुगतान किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि कई मामलों में जिन कार्यक्रमों के नाम पर बिल बनाए गए, वे आयोजित ही नहीं हुए।

विधायक ने विशेष रूप से 12 दिसंबर 2024 को तखतपुर में आयोजित मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि एक कार्यक्रम के लिए करीब 9 लाख रुपये का भुगतान हुआ, जबकि उसी दिन पॉलीटेक्निक कॉलेज में मुख्यमंत्री के कथित दूसरे कार्यक्रम के नाम पर लगभग 17 लाख रुपये का अलग भुगतान किया गया। उनका दावा था कि ऐसा कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं हुआ था, इसलिए यह भुगतान संदिग्ध है।

इसके अलावा उन्होंने बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के रहंगी में आयोजित कृषक सम्मेलन का भी मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि इस आयोजन में करीब 13 लाख रुपये खर्च दर्शाए गए, जबकि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे बड़े सरकारी समारोह अपेक्षाकृत कम लागत में संपन्न होते हैं। उन्होंने कोलकाता-दिल्ली विमान सेवा के वर्चुअल शुभारंभ से जुड़े खर्चों पर भी सवाल उठाते हुए फर्जी बिलिंग का आरोप लगाया।

डिप्टी सीएम अरुण साव ने जांच का दिया भरोसा

लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि विभाग द्वारा सभी भुगतान निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन के बाद किए गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता या गड़बड़ी सामने आती है, तो सरकार पूरे मामले की जांच कराएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस मुद्दे के विधानसभा में उठने के बाद सरकारी आयोजनों में हुए खर्च और भुगतान की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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