कोरिया। जिले के बहुचर्चित नाबालिग छात्रा आत्महत्या मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी विनोद वैद्य को राजस्थान से गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी को बैकुंठपुर स्थित आईसी मार्ट लेकर पहुंची, जहां साक्ष्य जुटाने और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के लिए क्राइम सीन का रीक्रिएशन कराया गया।
पुलिस के अनुसार, मामले में फरार चल रहे अन्य दो आरोपी जगत वैद्य और दीपक वैद्य की तलाश लगातार जारी है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
इधर, पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से ₹4,12,000 की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत कर दी गई है।
मामले में परिजनों का आरोप है कि आईसी मार्ट संचालकों द्वारा नाबालिग छात्रा को लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे आहत होकर उसने अपने घर में आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे प्रदेश में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य बाल संरक्षण आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने भी संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
घटना के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शन किया था। समझाइश के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और आईसी मार्ट के सामने सड़क जाम कर मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे।
इस बीच, बेटी की मौत के सदमे से पीड़िता की मां की तबीयत भी बिगड़ गई है। उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और फरार आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।