दक्षिण भारत की मशहूर पार्श्व गायिका एस. जानकी का 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्हें प्यार से जानकी अम्मा कहा जाता था। उनके निधन की खबर सुनते ही संगीत प्रेमी और उनके प्रशंसक गहरे दुख में हैं।
संगीत जगत में जानकी अम्मा का योगदान अतुलनीय रहा है। उन्होंने अपनी जादुई आवाज से लाखों लोगों का दिल जीता था। उनका निधन भारतीय संगीत के लिए एक बड़ी क्षति है।
पद्म भूषण लेने से कर दिया था मना
जानकी अम्मा न केवल अपनी गायकी के लिए बल्कि अपने स्वाभिमान के लिए भी जानी जाती थीं। साल 2013 में सरकार ने उन्हें पद्म भूषण सम्मान देने की घोषणा की थी। लेकिन उन्होंने इस सम्मान को लेने से इनकार कर दिया था। उनका मानना था कि संगीत में उनके लंबे योगदान के हिसाब से यह सम्मान बहुत छोटा था। उनका कहना था कि उन्हें देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न मिलना चाहिए था। उनका यह फैसला उस वक्त खूब चर्चा में रहा था।

भारतीय संगीत की अनमोल आवाज
एस. जानकी ने अपने करियर में हजारों गाने गाए थे। उनकी आवाज हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती थी। उन्होंने अपनी गायकी से खुद को साबित किया था कि वे सुरों की असली मल्लिका हैं। उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है। पूरे देश में उनके निधन पर शोक की लहर है।