रमेश गुप्ता
भिलाई : वैशाली नगर थाना क्षेत्र में किराये के कमरे में युवती की निर्मम हत्या के सनसनीखेज मामले का दुर्ग पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने एकतरफा प्रेम प्रसंग में हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त धारदार हथियार और मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। आरोपी ने युवती द्वारा बातचीत से इंकार किए जाने से नाराज होकर पहले से योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया था और बाद में साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की थी।
रूममेट की सूचना पर सामने आया हत्याकांड
पत्रकार वार्ता में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सुखनंदन राठौर ने बताया कि 10 जुलाई को दोपहर करीब 12 बजे मृतिका की रूममेट ने परिजनों को सूचना दी कि खुशी साहू अपने किराये के कमरे में गंभीर रूप से घायल अवस्था में खून से लथपथ पड़ी है। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पर वैशाली नगर थाना में धारा 103(1) बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
गला दबाया, फिर 11 बार चाकू से वार कर उतारा मौत के घाट
जांच में सामने आया कि आरोपी ने युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की थी। कमरे में विवाद के दौरान उसने पहले युवती का गला दबाया, इसके बाद धारदार हथियार (चाकू) से लगातार 11 बार वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। गंभीर चोटों के कारण युवती ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
बातचीत बंद होने से पनपा गुस्सा, पहले से बनाई थी हत्या की योजना
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी मृतिका से एकतरफा प्रेम करता था। युवती द्वारा उससे बातचीत करने से इंकार किए जाने के बाद उसने हत्या की पूरी योजना बना ली थी। आरोपी रायपुर से भिलाई धारदार हथियार लेकर पहुंचा था। पहचान छिपाने के लिए उसने दो शर्ट पहन रखी थीं तथा पैंट के अंदर बरमूडा भी पहन रखा था, ताकि वारदात के बाद कपड़े बदलकर आसानी से बच निकल सके। कमरे में विवाद होने के दौरान उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
साक्ष्य मिटाने के लिए नदी में फेंके कपड़े और जूते
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से अपने पहने हुए कपड़े और जूते नदी में फेंक दिए, ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिल सके। हालांकि, पुलिस की त्वरित जांच और तकनीकी विश्लेषण के सामने उसकी यह चालाकी ज्यादा देर नहीं टिक सकी।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपी तक पहुंची पुलिस
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच तेज की। संदेह के आधार पर लाकेश्वर साहू उर्फ पिंटू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद 11 जुलाई को उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
हथियार और मोटरसाइकिल बरामद
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त धारदार हथियार तथा घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली है। इस मामले में धारा 103(1) बीएनएस के साथ-साथ 25 एवं 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है।
24 घंटे में ‘ब्लाइंड मर्डर’ सुलझाने पर पुलिस टीम की सराहना
दुर्ग पुलिस की त्वरित कार्रवाई से इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा महज 24 घंटे के भीतर हो गया, जिसके लिए पुलिस टीम की सराहना की जा रही है। मामले के खुलासे के दौरान आयोजित पत्रकार वार्ता में नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) सत्य प्रकाश तिवारी तथा वैशाली नगर थाना प्रभारी राजकुमार लहरे मुख्य रूप से मौजूद रहे।