बिना अनुमति के शासकीय आवास में रह रहे प्रबंधक, वर्षों से शासन को नहीं दिया गया हाउस रेंट

भानुप्रतापपुर। वनमंडल पश्चिम अंतर्गत परिक्षेत्र कापसी में एक प्रबंधक के द्वारा शासकीय क्वार्टर में अवैध रूप से निवास करने का मामला सामने आया है। विगत 10 वर्षों से एक महिला प्रबंधक के द्वारा शासकीय क्वार्टर में निवास किया जा रहा है। जिसके लिए नियमानुसार शासन को दी जाने वाली राशि उनकी तनख्वाह से नहीं कट रही है। इससे शासन को लाखों के राजस्व की क्षति हुई है। सीधे-सीधे यह घोर वित्तीय अनियमितता का मामला है, बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्यवाही नहीं कर रहे है। इसी प्रकार से वनमंडल अंतर्गत कई शासकीय आवास में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी व प्रबंधकों द्वारा अवैध रूप से निवास किया जा रहा है जिससे अन्य शासकीय कर्मचारी जैसे वन रक्षक व वनपाल को अलग किराए के मकानों में रहना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार श्रीमती रूबी रानी विशवास जो कि तेन्दूपत्ता प्रबंधक है वे बिना किसी वैध अनुमति के कापसी में शासकीय आवास नम्बर 49 में वर्ष 2016 से रह रही है। तेंदू पत्ता प्रबंधक शासकीय कर्मचारी की श्रेणी में नहीं आते। उन्हें नियमानुसार मानदेय दिया जाता है, जिससे उस मकान का किराया शासन को नहीं मिलता है। यदि उक्त आवास में कोई शासकीय कर्मचारी निवास करता तो उसका हाउस रेंट सैलरी से नियमानुसार कट जाता। शासन को वर्ष 2016 से 2026 तक विगत 10 वर्षों की हाउस रेंट की राशि की हानि हुई है। यह सब जानते हुए भी उच्च अधिकारी की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि वन विभाग 10 वर्षों का हाउस रेंट कैसे जमा करता है साथ ही अवैध रूप से रहने के लिए प्रबंधक पर क्या कार्यवाही होती है।

आर एन शोरी- उप वनमंडल अधिकारी

मुझे इस मामले की जानकारी नहीं है, जाँच करवाता हूँ।

एस नवीन कुमार- वनमंडल अधिकारी पश्चिम वनमंडल

यदि कोई ग़लत तरीक़े से शासकीय आवास में रह रहा है तो उसे नोटिस भेजा जाएगा और नियमानुसार कार्यवाही होगी।

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