साय कैबिनेट के 9 बड़े फैसले: बिजनेस से लेकर भर्ती तक, छत्तीसगढ़ में बदलेगा सब कुछ!

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य की दिशा बदलने वाले 9 क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगाई है। महानदी भवन मंत्रालय में आयोजित इस बैठक में लिए गए निर्णयों का सीधा असर प्रदेश के युवाओं, व्यापारियों, मकान मालिकों और छात्रों पर पड़ेगा।

इन सभी बड़े बदलावों को सरल शब्दों में नीचे समझा जा सकता है:

  1. व्यापार में क्रांति: ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ कानून बनाने वाला पहला राज्य
    छत्तीसगढ़ देश का ऐसा पहला राज्य बनने जा रहा है जो व्यापार को आसान बनाने के लिए बाकायदा एक कानून ला रहा है। कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक 2026’ को मंजूरी दी है।

क्या बदलेगा: अब राज्य में नया बिजनेस शुरू करना पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समय सीमा के भीतर होगा।

खास सुविधाएं: इसमें ‘डीम्ड परमिशन’ (तय समय में जवाब न मिलने पर मंजूरी मानना), ‘सेल्फ सर्टिफिकेशन’ (खुद प्रमाणित करना) और ‘रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन’ (जोखिम के आधार पर जांच) जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं शामिल की गई हैं।

  1. स्थानीय युवाओं को मौका: बस्तर फाइटर्स भर्ती नियमों में सुधार
    बस्तर संभाग के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने संवेदनशील कदम उठाया है। ‘बस्तर फाइटर्स फाइटर आरक्षक भर्ती नियम 2026’ में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं, जिससे स्थानीय युवाओं की भर्ती प्रक्रिया और आसान व बेहतर होगी।
  2. निजी विश्वविद्यालयों पर नकेल: छात्रों का भविष्य सुरक्षित
    प्राइवेट यूनिवर्सिटीज की मनमानी रोकने और शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए ‘निजी विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2026’ लाया गया है।

अब यूनिवर्सिटीज को ‘विन्यास निधि’ के बदले ‘रक्षित निधि’ (Reserve Fund) का कड़ा नियम मानना होगा।

इसके अलावा, सभी निजी विश्वविद्यालयों के लिए यूजीसी (UGC) के मानकों के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना अनिवार्य कर दिया गया है।

  1. टैक्स और अदालतों के नियमों में बड़ा बदलाव
    वाणिज्यिक कर अधिकरण बंद: जीएसटी (GST) आने के बाद वैट (VAT) से जुड़े मामलों में भारी कमी आई है। इसलिए पृथक वाणिज्यिक कर अधिकरण को समाप्त किया जा रहा है। अब इसके सभी पेंडिंग मामले सीधे ‘राजस्व मंडल’ (Board of Revenue) को सौंपे जाएंगे।

कारोबारियों और निर्यातकों को राहत: टैक्स और रिफंड की उलझनों को दूर करने के लिए ‘माल एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026’ और ‘औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन संशोधन विधेयक 2026’ को मंजूरी दी गई है। इससे खासकर एक्सपोर्टर्स (निर्यातकों) को उनका रिफंड बहुत तेजी से मिलेगा।

  1. बिजली कंपनियों के लिए नया पेमेंट फॉर्मूला
    छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी अब केंद्रीय सरकारी कंपनियों (CPSUs) से जो बिजली खरीदेगी, उसके भुगतान के लिए ‘डायरेक्ट डेबिट मैंडेट’ (DDM) सिस्टम लागू होगा। यह आरबीआई (RBI) के नए नियमों के तहत काम करेगा और इससे राज्य के खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा।
  2. नवा रायपुर के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ योजना
    नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) के जमीन या मकान खरीदारों को बकाया ब्याज और पेनाल्टी में बड़ी राहत दी गई है। इसके लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना-2026’ शुरू हो रही है। साथ ही, जो लोग अपनी प्रोजेक्ट्स पूरे नहीं कर पा रहे हैं, वे कुछ शर्तों के साथ अपनी जमीन सरकार को वापस (सरेंडर) कर सकेंगे।
  3. मकान मालिक-किराएदार विवादों का परमानेंट इलाज
    खाली पड़े मकानों को किराए पर देने को बढ़ावा देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ भाड़ा नियंत्रण अधिनियम (संशोधन) विधेयक 2026’ को हरी झंडी दी गई है। यह केंद्र सरकार के ‘मॉडल टेनेंसी एक्ट 2021’ पर आधारित है। इसमें मकान मालिक और किराएदार दोनों के अधिकारों को साफ तौर पर तय किया गया है, जिससे आपसी विवाद खत्म होंगे।
  4. राजनांदगांव को सौगात: बनेगा आधुनिक ऑडिटोरियम
    सांस्कृतिक और सार्वजनिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव में 2000 सीटों की क्षमता वाले एक बेहद आधुनिक ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए कैबिनेट ने सरकारी जमीन आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

निष्कर्ष: साय कैबिनेट के ये 9 फैसले छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक जटिलताओं को खत्म करने, युवाओं को रोजगार देने और उद्योगों के लिए एक सुरक्षित व पारदर्शी माहौल तैयार करने की दिशा में बड़ा गेमचेंजर साबित होंगे।

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