पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा बरामद किया है। पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर की टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को दबोचा है। इनके पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और हैंड ग्रेनेड मिले हैं। इस संवेदनशील बरामदगी के बाद सीमावर्ती राज्य पंजाब सहित देश की तमाम सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
रामतीरथ के पास घेराबंदी कर पुलिस ने दबोचा
अमृतसर के पुलिस अधिकारियों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, एसएसओसी की टीम को एक बेहद सटीक गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि थाना लोपोके क्षेत्र में कुछ युवक भारी मात्रा में हथियारों और घातक विस्फोटकों के साथ किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं।
इस सूचना पर त्वरित एक्शन लेते हुए राज्य विशेष अभियान प्रकोष्ठ (SSOC) की टीम ने रामतीरथ रोड के पास रणनीतिक घेराबंदी की। पुलिस की भारी मौजूदगी को देखकर तीनों आरोपियों ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन सतर्क पुलिसकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों को मौके पर ही दबोच लिया।
कक्कड़ गांव के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस कस्टडी में लिए गए आरोपियों की पहचान सार्वजनिक कर दी गई है। पकड़े गए युवकों में चिंटू (पुत्र शिंदा), जोबनप्रीत सिंह (पुत्र मेजर सिंह) और गुरप्रीत सिंह (पुत्र गुरमीत सिंह) शामिल हैं। ये तीनों आरोपी थाना लोपोके के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गांव कक्कड़ के निवासी हैं। पुलिस ने इनके पास से जो जखीरा बरामद किया है, उसमें:
- 06 अवैध हैंड ग्रेनेड
- 12 अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल
इन सभी घातक हथियारों और ग्रेनेड्स को पुलिस ने तुरंत अपने कब्जे में ले लिया है और इन्हें वैज्ञानिक तथा फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित प्रयोगशाला भेज दिया गया है।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और संभावित इनपुट की जांच
इस बरामदगी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग कई कड़ियों को आपस में जोड़ने में जुटे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, चूंकि गिरफ्तारी भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीकी इलाके से हुई है, इसलिए ड्रोन के जरिए सीमा पार से इन हथियारों की डिलीवरी की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
पूछताछ के दौरान पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों का मुख्य स्रोत (सप्लायर) कौन है और इन्हें पंजाब या देश के किसी अन्य हिस्से में किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए मंगाया गया था। पुलिस इनके मोबाइल रिकॉर्ड और बैंक खातों को भी खंगाल रही है ताकि इनके पीछे काम कर रहे पूरे संगठित नेटवर्क या अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके।