भारतीय रेलवे ने रेल यात्रा के दौरान डिजिटल टिकटों के इस्तेमाल को लेकर नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब ट्रेन में सफर के दौरान किसी दूसरे के मोबाइल से बुक कराया गया जनरल टिकट या WhatsApp पर मंगाया गया टिकट का स्क्रीनशॉट पूरी तरह अमान्य माना जाएगा। इस नए नियम का उल्लंघन करने वाले यात्रियों को बिना टिकट माना जाएगा और उनसे भारी जुर्माना वसूला जाएगा। रेलवे ने यह कदम डिजिटल टिकटों के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए उठाया है।
कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस में पकड़ी गई युवती की चालाकी
यह नया नियम उस समय चर्चा में आया जब कोरबा-विशाखापत्तनम लिंक एक्सप्रेस में सफर कर रही एक युवती को टीटीई ने बिना टिकट पकड़ा। ट्रेन छूटने के बाद जब चेकिंग शुरू हुई, तो युवती ने हड़बड़ाहट में अपने भाई को फोन किया और ऑनलाइन ऐप के जरिए जनरल टिकट बुक करवाकर उसका स्क्रीनशॉट WhatsApp पर मंगा लिया। जब टीटीई ने टिकट की जांच की, तो उस पर बुकिंग का समय ट्रेन खुलने के बाद का दर्ज था। रेलवे ने ट्रेन छूटने के बाद बुक किए गए इस स्क्रीनशॉट टिकट को फर्जी मानते हुए युवती पर ऑन-स्पॉट जुर्माना लगा दिया।
रेलवे ने सख्त किए नियम और जुर्माना राशि को किया दोगुना
रेलवे प्रशासन ने बिना उचित टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ाते हुए जुर्माने की रकम को दोगुना कर दिया है। अब नियमों का उल्लंघन करने या बिना वैध टिकट यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना राशि को 250 रुपये से बढ़ाकर सीधे 500 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, यात्री को उस दूरी का तय किराया भी अलग से देना होगा। रेलवे का साफ कहना है कि किसी भी परिस्थिति में स्क्रीनशॉट या फोटोकॉपी को वैध यात्रा दस्तावेज नहीं माना जाएगा।
सफर के दौरान यात्रियों को रखनी होगी इन बातों की सावधानी
नए नियमों के अनुसार, यदि कोई यात्री मोबाइल ऐप के जरिए अनारक्षित टिकट बुक करता है, तो टिकट उसी फोन में होना चाहिए जिसमें वह ऐप रजिस्टर्ड और एक्टिव है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे हमेशा ट्रेन के स्टेशन से रवाना होने से पहले ही अपना टिकट काउंटर या ऐप से सुरक्षित कर लें। इसके साथ ही, सफर के दौरान मोबाइल की बैटरी को पर्याप्त चार्ज रखना भी जरूरी है, क्योंकि फोन बंद होने या टिकट न दिखा पाने की स्थिति में भी यात्री को बिना टिकट मानकर दंडित किया जाएगा।