रिलायंस समूह के लिए बढ़ी मुश्किलें, बैंक धोखाधड़ी केस में पहली बार सामने आए ये बड़े नाम!

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो यानी सीबीआई ने मंगलवार को रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड से जुड़े एक बड़े बैंक धोखाधड़ी मामले में पहली चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में रिलायंस समूह की दो कंपनियों सहित कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 4097 करोड़ रुपए का भारी नुकसान पहुंचाया है। सीबीआई ने यह महत्वपूर्ण दस्तावेज विशेष अदालत में पेश किया है।

किन लोगों के नाम हैं चार्जशीट में

चार्जशीट में रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के साथ-साथ आरसीएफएल के पांच पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें तत्कालीन सीईओ देवांग प्रवीण मोदी, निदेशक रविंद्र सोमयाजुला राव, धनंजय भगवानप्रसाद तिवारी, राजेश कृष्णमूर्ति और लव चतुर्वेदी शामिल हैं। इन सभी पर आपराधिक साजिश रचने और बैंकों के साथ धोखा करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

कैसे हुई धोखाधड़ी

सीबीआई की जांच में पता चला है कि रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड ने बैंकों से जो लोन लिया था, उसे नियमों के विरुद्ध इस्तेमाल किया गया। इस पैसे को विभिन्न शेल कंपनियों यानी ऐसी कंपनियां जिनका कोई वास्तविक व्यापार नहीं होता, उनके माध्यम से रिलायंस एडीए समूह की अन्य कंपनियों में भेज दिया गया। इससे बैंकों को तो बड़ा नुकसान हुआ, लेकिन आरोपियों और उनसे जुड़ी कंपनियों को अनुचित फायदा मिला।

13 बैंकों को लगा चूना

यह मामला बैंक ऑफ महाराष्ट्र और अन्य सरकारी बैंकों की शिकायत के बाद दर्ज किया गया था। इस धोखाधड़ी में बैंकिंग कंसोर्टियम के 13 सरकारी बैंकों को कुल 4097 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। सीबीआई ने अब तक मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें अमिताभ झुनझुनवाला, देवांग मोदी और अमित बापना शामिल हैं। एजेंसी ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और आगे पूरक चार्जशीट भी दाखिल की जा सकती है।

फोकस कीवर्ड: रिलायंस बैंक धोखाधड़ी सीबीआई जांच

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