राम मंदिर दान चोरी घोटाला: 500 रुपये से शुरू होकर करोड़ों तक कैसे पहुंचा आस्था से खिलवाड़ का यह खेल?

अयोध्या : अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस और एसआईटी की जांच में बड़े खुलासे हुए हैं। पता चला है कि महज 18 से 20 हजार रुपये महीना कमाने वाले कर्मचारियों ने कुछ ही महीनों में करोड़ों रुपये उड़ा दिए। इस चोरी की शुरुआत मार्च 2025 में ट्रस्ट में नौकरी लगने के दो-तीन महीने बाद ही शुरू हो गई थी। सबसे पहले एक आरोपी ने काउंटिंग रूम से 500 रुपये के एक-दो नोट चुराए। जब वह पकड़ा नहीं गया, तो बाकी कर्मचारियों ने भी उसकी देखा-देखी चोरी शुरू कर दी। धीरे-धीरे इनका हौसला इतना बढ़ गया कि ये नोटों की पूरी गड्डियां गायब करने लगे। आरोपियों ने कबूल किया है कि वे अब तक मिलकर करीब 2 से 3 करोड़ रुपये की चोरी कर चुके हैं।

सुरक्षा में बड़ी सेंध: सीसीटीवी और टॉयलेट का शातिराना खेल

सुरक्षा में सेंध लगाने के लिए इन लोगों ने सीसीटीवी की सुस्त मॉनिटरिंग का फायदा उठाया। आरोपियों ने बताया कि काउंटिंग रूम पर नजर रखने वाले कंट्रोल रूम में कई बार कोई होता ही नहीं था। आरोपी नोटों को अपने कपड़ों और मोज़ों में छिपा लेते थे। मुख्य गेट पर तलाशी के डर से वे इस कैश को पहले परिसर के अंदर बने टॉयलेट में ले जाते थे और फिर वहां से धीरे-धीरे उसे मंदिर परिसर के बाहर निकालते थे।

काली कमाई से खरीदी कार और जमीनें, ६० लोगों के बयान दर्ज

इस चोरी के पैसे का बंटवारा अयोध्या के 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित जंगलों में पार्टी के दौरान होता था। वहां ये लोग शराब और मीट की पार्टियां करते थे। इस काली कमाई से आरोपियों ने भारी संपत्तियां खड़ी कर लीं। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख रुपये बरामद हुए हैं। उसने इस पैसे से एक कार खरीदी, अपने पैतृक गांव में नया मकान बनवाया और अपने भाई के नाम पर प्रतापगढ़ और सुहावल में जमीनों की रजिस्ट्री भी करा दी। अन्य आरोपियों ने भी अपने परिवार वालों के नाम पर अयोध्या और उसके बाहर प्रॉपर्टी खरीदी है। जून के महीने में ट्रस्ट ने इनके पास से 89 लाख रुपये कैश और चोरी के गहने बरामद किए थे।

एसआईटी का कड़ा शिकंजा: ट्रस्ट के बड़े अधिकारियों से भी पूछताछ

अब इस मामले में पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मामले में अब तक 60 लोगों के बयान दर्ज हो चुके हैं और अगले एक हफ्ते में करीब 140 और लोगों से पूछताछ होनी है, जिनमें बैंक कर्मचारी, मंदिर के सुरक्षाकर्मी और ट्रस्ट के लोग शामिल हैं। पुलिस चंपत राय का बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है, जबकि अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी एक हफ्ते के भीतर पूछताछ होगी। मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय की 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर आज कोर्ट में सुनवाई है। इस घटना के बाद से मंदिर के काउंटिंग रूम के सुरक्षा नियम पूरी तरह बदल दिए गए हैं।

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