गरियाबंद। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय में सोमवार को भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद्, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक एवं देश की अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों एवं उपस्थित पदाधिकारियों द्वारा डॉ. मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात उनके जीवन, व्यक्तित्व, राष्ट्र के प्रति समर्पण तथा भारतीय राजनीति में उनके ऐतिहासिक योगदान पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित छत्तीसगढ़ राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने अपने उद्बोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि वे राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक चेतना के सशक्त प्रहरी थे। उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और राष्ट्रीय हित को सदैव सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन आज भी प्रत्येक राष्ट्रभक्त के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और संघर्ष का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने देश की एकता एवं अखंडता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका प्रसिद्ध संकल्प “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” आज भी राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाए और राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानते हुए कार्य करे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष श्री अनिल चंद्राकर ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार भारतीय जनता पार्टी की वैचारिक नींव हैं। उनका जीवन देशभक्ति, संगठन, सेवा और समर्पण का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता उनके बताए मार्ग पर चलकर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक संगठन की विचारधारा एवं सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को पहुँचाने का कार्य करे।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत के निर्माण, राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा तथा लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पण, दृढ़ इच्छाशक्ति और सिद्धांतों के प्रति अटूट निष्ठा का प्रेरक उदाहरण है। उनके विचार आज भी करोड़ों देशवासियों एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणापुंज बने हुए हैं।
कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री डॉ. आशीष शर्मा ने किया तथा आभार प्रदर्शन मंडल अध्यक्ष खोमन चंद्राकर ने किया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से जिला महामंत्री चंद्रशेखर साहू जिला उपाध्यक्ष प्रीतम सिन्हा बलदेव सिंह हुंदल अनूप भोंसले, जिला कोषाध्यक्ष अजय रोहरा जिला मंत्री सुरेंद्र सोनटेके पारस ठाकुर शिवांगी चतुर्वेदी सुमित पारख धनराज विश्वकर्मा खोमन चंद्राकर रिकेश साहू अमित वखारिया शोभाचंद पात्र प्रहलाद सिंह ठाकुर फारूक चौधरी मिलेश्वरी साहू थान सिंह निषाद भरत साहू बादल साहू कांति सोनकर मधु नाथवानी लाल जी साहू सरला उइके, अजय पटेल वेश राठौर नमन सेन परमेश्वर सेन एवं भारतीय जनता पार्टी के तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।