Ramesh Gupta भिलाई। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रविवार को पुलिस ग्राउंड, सेक्टर-6 भिलाई में स्कूल बसों का व्यापक जांच शिविर आयोजित किया गया। सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित इस अभियान में यातायात पुलिस दुर्ग और परिवहन विभाग ने संयुक्त रूप से जिले के 16 शैक्षणिक संस्थानों की 201 स्कूल बसों की गहन जांच की। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में खामी पाए जाने पर 12 बसों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालानी कार्रवाई की गई, वहीं सभी संबंधित स्कूलों को कमियां दूर करने के बाद ही बसों का संचालन करने के निर्देश दिए गए।

दस्तावेजों से लेकर मैकेनिकल फिटनेस तक हुई बारीकी से जांच
शिविर में सबसे पहले सभी स्कूल बसों का पंजीयन किया गया। इसके बाद परिवहन विभाग की टीम ने बसों के रजिस्ट्रेशन, परमिट, फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र (पीयूसी), रोड टैक्स तथा चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच की। इसके साथ ही बसों की मैकेनिकल फिटनेस भी परखी गई। हेडलाइट, ब्रेक लाइट, पार्किंग लाइट, इंडिकेटर, बैक लाइट, स्टीयरिंग, ब्रेक, क्लच, एक्सीलेटर, टायर, सीट, हॉर्न, वाइपर और रिफ्लेक्टर सहित अन्य आवश्यक उपकरणों का निरीक्षण किया गया।
सुरक्षा मानकों की भी हुई पड़ताल
सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप बसों में जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, आपातकालीन खिड़की, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र, स्कूल का नाम, संपर्क नंबर, चालक का मोबाइल नंबर तथा बस के आगे-पीछे ‘स्कूल बस’ अंकित होने जैसी व्यवस्थाओं की भी जांच की गई। जिन बसों में इन मानकों का पालन नहीं मिला, उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कमियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
12 बसों पर चालानी कार्रवाई
संयुक्त जांच के दौरान कुल 12 स्कूल बसों में विभिन्न प्रकार की खामियां पाई गईं। इन सभी वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
41 चालकों की स्वास्थ्य जांच में सामने आई बीपी और शुगर की समस्या
वाहनों की जांच के साथ-साथ स्कूल बस चालकों और परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया। जिला चिकित्सालय दुर्ग की मेडिकल टीम द्वारा किए गए परीक्षण में 41 चालकों में ब्लड प्रेशर और शुगर से संबंधित शिकायतें पाई गईं। उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई।
जो बसें नहीं पहुंचीं, उनकी स्कूलों में होगी जांच
अधिकारियों ने बताया कि जो स्कूल बसें रविवार को आयोजित जांच शिविर में नहीं पहुंचीं, उनकी संबंधित स्कूल परिसरों में जाकर जांच की जाएगी। बिना जांच और सुरक्षा मानकों की पूर्ति किए किसी भी बस को संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
ये अधिकारी रहे मौजूद
जांच अभियान में यातायात पुलिस से निरीक्षक पीडी चंद्रा, सहायक उपनिरीक्षक मुस्ताक खान, परिवहन विभाग से निरीक्षक सुषमा इक्का, रामचंद्र कुंजाम, सहायक उपनिरीक्षक शशिकांत बंजारे, जितेश ठाकुर, आर.के. रात्रे सहित जिला चिकित्सालय दुर्ग की मेडिकल टीम एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।