छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने स्थानीय निकायों को लेकर एक बड़ा राजनैतिक कदम उठाया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के बिलासपुर और बस्तर संभाग के अंतर्गत आने वाले नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मनोनीत पार्षदों (एल्डरमैन) की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। राज्यपाल के नाम से उप सचिव भागवत जायसवाल द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। इसे आगामी चुनावों और स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
बिलासपुर नगर निगम में 11 कार्यकर्ताओं को मिली कमान
बिलासपुर संभाग में सबसे ज्यादा ध्यान बिलासपुर नगर निगम की सूची पर रहा, जहां 11 एल्डरमैन की नियुक्ति की गई है। इस सूची में शेखर पाल, जुगल किशोर अग्रवाल, योगेश बोले, चंद्रप्रकाश मिश्रा, देवाशीष घोष (लाल्टू), विष्णु सोनी, अशोक ठाकुर, ज्ञानचंद कौशिक, रामू साहू, संतोष कुमार दुबे और भगवती साहू के नाम शामिल हैं। इसके साथ ही तखतपुर, बोदरी, बिल्हा, रतनपुर, कोटा और मल्हार जैसे छोटे नगरीय निकायों में भी एल्डरमैन मनोनीत कर दिए गए हैं।
कोरबा, रायगढ़ और मुंगेली में भी सधे राजनैतिक समीकरण
सरकार ने पूरे संभाग में राजनैतिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाने की कोशिश की है। इसी कड़ी में रायगढ़ नगर निगम में 8 और कोरबा नगर निगम में 11 एल्डरमैन मनोनीत किए गए हैं। मुंगेली नगर पालिका में 5 नामों को मंजूरी दी गई है। वहीं जांजगीर-चांपा, सक्ती और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (GPM) जिले के विभिन्न निकायों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बस्तर संभाग: जगदलपुर समेत नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान
बस्तर संभाग की सूची में मुख्य केंद्र जगदलपुर नगर निगम रहा, जहां 8 एल्डरमैन मनोनीत किए गए हैं। इसके अलावा नगर पंचायत बस्तर में 3 लोगों को जगह मिली है।
खास बात यह है कि सरकार ने नक्सल प्रभावित और सुदूर अंचलों के निकायों में भी नियुक्तियां की हैं:
- बीजापुर, किरंदुल, बड़े बचेली और दंतेवाड़ा: इन सभी नगर पालिकाओं में 5-5 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं।
- गीदम और बारसूर: इन नगर पंचायतों में 3-3 नामों को हरी झंडी मिली है।
- कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर: इन जिलों के नगरीय निकायों में भी कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर स्थानीय प्रतिनिधित्व बढ़ाया गया है।
नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने और संगठन को धार देने की कोशिश
जानकारों का मानना है कि इस मनोनयन के जरिए साय सरकार ने लंबे समय से पार्टी के लिए जमीनी काम कर रहे कार्यकर्ताओं को उपकृत किया है। एल्डरमैन बनने के बाद अब ये कार्यकर्ता स्थानीय निकायों की बैठकों और विकास कार्यों में सीधे तौर पर हिस्सा ले सकेंगे, जिससे क्षेत्र में सरकार की पकड़ और मजबूत होगी।
कानूनी प्रक्रियाओं के तहत डिजिटल आदेश जारी
यह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 और छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम 1961 के कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है। डिजिटल हस्ताक्षर से जारी इन आदेशों की कॉपियां सभी संबंधित कलेक्टरों, संभागीय संयुक्त संचालकों, नगर निगम आयुक्तों और सीएमओ (CMO) को भेज दी गई हैं ताकि मनोनीत सदस्य तुरंत अपना काम शुरू कर सकें।
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