अहमदाबाद। गुजरात के अहमदाबाद से गुरु और शिष्य के रिश्ते को तार-तार करने वाली एक स्तब्ध करने वाली घटना सामने आई है। यहां निकोल इलाके के एक स्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक ने 10वीं कक्षा के एक छात्र को बिना किसी कसूर के इस कदर बेरहमी से थप्पड़ मार दिया कि मासूम के बाएं कान का पर्दा ही फट गया। चोट इतनी गंभीर थी कि छात्र के कान से खून बहने लगा और सूजन के कारण उसे सुनाई देना बंद हो गया है। पीड़ित छात्र की बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने अब कान के ऑपरेशन की बात कही है। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करा दिया है।
यह पूरी घटना स्कूल के पीटी (PT) पीरियड के दौरान मैदान में हुई। गुजराती माध्यम का छात्र अपने दोस्तों के साथ मैदान में बैठा हुआ था, जबकि पास ही कुछ अन्य छात्र आपस में बातचीत कर रहे थे। इसी बीच अचानक वहां पहुंचे अंग्रेजी के शिक्षक लक्ष्मण ने बिना कुछ सोचे-समझे इस छात्र को खड़ा किया और उसके गाल पर एक जोरदार तमाचा जड़ दिया। पीड़ित छात्र का उस शिक्षक से न तो पहले का कोई विवाद था और न ही मैदान में वह कोई बदमाशी कर रहा था।
ईएनटी सर्जन का खुलासा, पुलिस ने दर्ज की एफआईआर थप्पड़ लगने के बाद जब छात्र के कान से लगातार खून बहने लगा और असहनीय दर्द हुआ, तो घबराए माता-पिता उसे तुरंत ईएनटी (ENT) सर्जन के पास ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्टि की कि थप्पड़ के गहरे आघात के कारण कान का पर्दा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और बिना ऑपरेशन के यह ठीक नहीं होगा। इसके बाद छात्र के पिता ने तुरंत कृष्णनगर पुलिस थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षक लक्ष्मण के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई।
बैठक में शिक्षक ने मानी गलती, पिता ने मांगी लिखित जिम्मेदारी मामला गरमाने के बाद स्कूल प्रबंधन, आरोपी शिक्षक और पीड़ित छात्र के अभिभावकों के बीच एक आपातकालीन बैठक हुई। बैठक में शिक्षक लक्ष्मण ने अपनी इस गंभीर और अमानवीय गलती को स्वीकार कर लिया। हालांकि, छात्र के पिता ने स्कूल प्रशासन के सामने एक सख्त शर्त रखी है। उन्होंने लिखित में यह जिम्मेदारी मांगी है कि यदि भविष्य में उनके बेटे को कान से जुड़ी कोई अन्य समस्या या बहरापन होता है, तो उसके इलाज का पूरा चिकित्सकीय और आर्थिक खर्च स्कूल प्रशासन और दोषी शिक्षक को ही उठाना होगा। फिलहाल, पुलिस इस मामले की कानूनी जांच में जुटी है।