कभी नहीं टूटेगा आपका रिश्ता, बढ़ेगा प्यार: अपनाएं जया किशोरी के ये 6 लाइफ-चेंजिंग टिप्स

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, सोशल मीडिया के प्रभाव और बढ़ते अहंकार (ईगो) के कारण रिश्तों में दूरियां आना बेहद आम बात हो गई है। आजकल छोटी-छोटी गलतफहमियों की वजह से सालों पुराने मजबूत रिश्ते और शादियां टूट रही हैं। ऐसे में मशहूर कथा वाचक और मोटिवेशनल स्पीकर जया किशोरी के विचार युवाओं और परिवारों को एक सही और सकारात्मक राह दिखाते हैं। अगर आप भी अपने पार्टनर, परिवार या दोस्तों के साथ अपने रिश्तों को और ज्यादा मजबूत, गहरा और खूबसूरत बनाना चाहते हैं, तो जया किशोरी जी के ये 6 लाइफ-चेंजिंग रिलेशनशिप टिप्स आपके बहुत काम आ सकते हैं।

1. उम्मीदें कम रखें, रिश्ता लंबा चलेगा जया किशोरी जी का मानना है कि किसी भी रिश्ते में दरार आने की सबसे बड़ी वजह ‘जरूरत से ज्यादा उम्मीदें’ होती हैं। हम अक्सर सामने वाले को अपनी मर्जी और शर्तों के हिसाब से चलाना चाहते हैं, जो कि मुमकिन नहीं है। इंसान गलतियों का पुतला है, इसलिए सामने वाले से उतनी ही उम्मीद रखें जितनी जायज हो। जब आप अपेक्षाएं कम कर देते हैं, तो रिश्ते में बेवजह का मानसिक तनाव और आपसी झगड़े अपने आप खत्म हो जाते हैं।

2. बातचीत का रास्ता कभी बंद न करें आजकल कपल्स के बीच जब कोई अनबन होती है, तो वे बातचीत बंद करके ‘साइलेंट ट्रीटमेंट’ देने लगते हैं या ईगो की लड़ाई लड़ने लगते हैं। जया किशोरी कहती हैं कि जब तक आप संवाद नहीं करेंगे, तब तक गलतफहमियां कभी दूर नहीं हो सकतीं। अगर किसी बात पर नाराजगी है, तो उसे मन में दबाकर रखने या पार्टनर पर ताने कसने के बजाय, एक साथ बैठकर ठंडे दिमाग से बात करें। चुप रहकर दूरी बनाने से बेहतर है कि आप अपनी बात कहें और सामने वाले की बात भी पूरी संवेदनशीलता से सुनें।

3. सम्मान के बिना प्यार अधूरा है प्यार अपनी जगह बेहद जरूरी है, लेकिन किसी भी मजबूत रिश्ते की असली नींव ‘आपसी सम्मान’ पर टिकी होती है। जया किशोरी जी अक्सर अपने सेशन्स में कहती हैं कि जहां एक-दूसरे के लिए इज्जत नहीं होती, वहां प्यार बहुत दिनों तक जिंदा नहीं रह सकता। प्यार के साथ-साथ एक-दूसरे के आत्मसम्मान की रक्षा करना भी बेहद जरूरी है।

4. हर बात में ‘मैं’ को बीच में न लाएं अक्सर जब रिश्तों में लड़ाई होती है, तो लोग “मैंने यह किया”, “मेरी वजह से ऐसा हुआ” या “मैं ही हमेशा क्यों झुकूं” जैसी बातें करने लगते हैं। जया किशोरी के अनुसार, जहां ‘मैं’ यानी अहंकार आ जाता है, वहां से प्रेम धीरे-धीरे विदा ले लेता है। कोई भी रिश्ता दो लोगों की आपसी समझदारी से मिलकर बनता है, इसलिए फैसले भी ‘हम’ के भाव से होने चाहिए। अगर कभी आपकी गलती हो, तो तुरंत माफी मांगने में छोटा महसूस न करें।

5. एक-दूसरे को थोड़ा स्पेस जरूर दें रिश्ते में बंधने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप हमेशा सामने वाले पर पाबंदियां लगा दें या उनकी जासूसी करने लगें। जया किशोरी जी का मानना है कि हर व्यक्ति की अपनी एक निजी जिंदगी, अपनी हॉबीज और स्पेस होना बेहद जरूरी है। अपने पार्टनर को उनके दोस्तों के साथ वक्त बिताने और अपने शौक पूरे करने की आजादी दें। जब आप रिश्ते में शक करने के बजाय भरोसा दिखाकर स्पेस देते हैं, तो आपसी प्यार और ज्यादा गहरा हो जाता है।

6. बीती बातों को भूलना सीखें पुरानी बातों को खोदकर बाहर निकालना और हर नए झगड़े में पुरानी गलतियों के ताने देना रिश्तों को अंदर से खोखला कर देता है। जया किशोरी कहती हैं कि जो बीत गया, उसे भूलकर आगे बढ़ना ही समझदारी है। सामने वाले को माफ करना सीखें, क्योंकि इस दुनिया में कोई भी इंसान परफेक्ट नहीं होता। बीती ताहि बिसारि दे, आगे की सुधि लेई—यही सुखी रिश्ते का मूलमंत्र है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *