सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई, किसान हित सर्वोपरि
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारिता व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाने की दिशा में साय सरकार लगातार सख्त कदम उठा रही है। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में अपेक्स बैंक की बरमकेला शाखा में हुए 18.13 करोड़ रुपये के गबन मामले में दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सहकारिता संस्थाओं में भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं के लिए किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
बरमकेला शाखा में वर्ष 2021 से नवंबर 2024 के बीच हुए गबन की जांच में दोषी पाए जाने पर तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित तीन नियमित कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा पांच आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। सभी दोषियों से राशि की वसूली की जाएगी तथा मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) द्वारा की जा रही है। प्रकरण में एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है।
भविष्य में गड़बड़ी रोकने के लिए तकनीकी सुधार
सहकारिता विभाग द्वारा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए e-KCC पोर्टल पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जैसी आधुनिक व्यवस्था लागू की जा रही है, जिससे ऋण वितरण प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनेगी।
किसानों का विश्वास सर्वोच्च प्राथमिकता
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों की मेहनत की कमाई और सहकारी संस्थाओं की साख की रक्षा करना है। सहकारिता व्यवस्था में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के माध्यम से सहकारिता क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा, ताकि किसानों का विश्वास लगातार बना रहे।
उन्होंने कहा कि सहकारिता एक व्यवस्था है साथ ही किसानों की आर्थिक शक्ति का आधार है। सरकार का संकल्प है कि प्रत्येक सहकारी संस्था ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करे तथा किसानों को बिना किसी बाधा के बेहतर सेवाएं उपलब्ध हों।