आरटीओ चालान का फर्जी लिंक भेजकर खातों से की जा रही लाखों रुपये की ठगी

० मोबाइल हैक कर ग्रुप में घुसकर कर रहे फ्राड 0
० पिछले वर्ष एसबीआई व यूनियन बैंक के मोनो के नाम से फ्रॉड किया गया था 0
दिलीप गुप्ता
जनधारा समाचार
सरायपाली : विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों व निजी नंबरों पर कभी बैंकों का , कभी आधार अपडेट करने तो कभी वाहन चालान के नाम से फर्जी लिंक भेजकर सायबर अपराधियों मे लिप्त गैंग द्वारा फ्राड लिंक के माध्यम से खातों से खाताधारकों को लाखो रूपयों की चपत लगा रहे हैं । अनजाने व उत्सुकता वश कुछ लोगों द्वारा लिंक खोलने के तत्काल बाद स्वत संबंधित व्यक्तियों के खातों से लाखो रुपए निकल जाते हैं । वे ठगी के शिकार हो रहे हैं । सबसे दुखद पहलू यह है कि विभिन्न संचार माध्यमों व पुलिस द्वारा सचेत किए जाने के बावजूद कुछ लोग झांसे में आकर अपना आर्थिक नुकसान कर रहे हैं । इसका ताजा उदाहरण दो दिन पूर्व ही रायपुर निवासी फायनेंस कंपनी में कार्यरत कर्मचारी आशीष वर्मा के खाते से लगभग 2.64 लाख रुपए की रकम फ्राड कर निकाल ली गई । विगत कुछ माह पूर्व सारंगढ़ में भी लगभग 2 लाख रुपए इसी तरह फ्राड किया गया था ।

    सरायपाली के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में विगत कुछ दिनों से  मोबाइल में सायबर ठगो द्वारा RTO CHALLAN.apk का फ्राड लिंक भेजकर लाखों रुपए की चपत लगाये जाने की जानकारी मिली है। अनेक लोगों द्वारा लिंक ओपन करते ही उनके बैंक खातों से धड़ाधड़ लाखों हजारों रुपए निकाल लिए गए। पर किसी भी पीड़ितों द्वारा  शिकायत दर्ज कराए जाने की सूचना नहीं है। ज्ञातव्य हो कि पिछले वर्ष एसबीआई व यूनियन बैंक का फ्राड लिंक भेजकर क्षेत्र से भारी राशि गायब कर ली गई थी । सोशल मीडिया, अखबारों व पुलिस द्वारा लगातार समझाइश दिए जाने के बावजूद आमजनता इन सायबर फ्राड लिंक को ओपन कर अपना आर्थिक नुकसान कर रहे हैं।
    डिजिटल युग में इस दौर में सायबर ठगी के माध्यम से सायबर ठग अब रोज रोज नए नए तरीके अपनाकर ठगी कर आमजनता को लूट रहे हैं। पहले बैंकों को टारगेट कर विभिन्न बैंकों का लिंक बाकायदा मोनो के साथ भेजा जा रहा था अब वर्तमान में RTO chalan.apk लिंक भेजकर लाखों रुपए बैंक से निकाल लिए गए। इस संबंध में समय समय पर विभिन्न बैंकों, परिवहन विभाग, सायबर पुलिस व पुलिस विभाग आये दिनों लगातार सतर्क रहने की जानकारी देता रहा है किन्तु इसके बावजूद लोग इनके झांसे में आकर मोटी रकम अपने हाथों से गंवा रहे हैं। पुलिस में भी इस तरह की शिकायतें आ रही हैं।
  इस संबंध में पीहू डेली नीड्स के संचालक व पत्रकार दिलीप गुप्ता ने बताया कि सायबर ठगों ने अब नया तरीका अपनाया है। विगत दिनों उनके द्वारा संचालित ग्रुपो में साइबर ठगों ने दो अलग अलग नामो के सदस्यो का मोबाइल नंबर हैक कर सबसे पहले उनके नम्बरो के डीपी में स्टेट बैंक व यूनियन बैंक का मोनो लगाकर लिंक भेजा गया था जिसे ओपन करते ही बैंक खाते से पैसा निकलने का मैसेज आता है। इसी तरह  दो विभिन्न ग्रुप सदस्यों के नम्बर को हैक कर यह जालसाजी किये जाने का प्रयास किया गया था। अभी फिर कुछ दिनों से इसी तरह की प्रक्रिया अपनाते हुवे RTO CHALLAN.apk नाम से लिंक भेजा जा रहा है जिसे अनेक लोगों द्वारा ओपन करते ही लाखों रुपए की चपत खाताधारकों को लग चुकी है । आज ही पुनः इस तह का लिंक कुछ ग्रुपों में भेजने की जानकारी मिली है । कुछ ग्रुपों का एडमिन होने के नाते मैंने सावधानी बरतते हुए लिंक को डिलीट किया व ग्रुप से अस्थायी तौर पर हैक हो चुके नम्बरो को ग्रुप से रिमूव कर दिया गया। पूर्व में स्टेट बैंक आफ इंडिया बैंक की योनो एसबीआई का लोगो के साथ लिंक आ रहा है तो वहीं यूनियन बैंक के नाम से भी इसी तरह का लिंक बैंक के लोगों के साथ आधार कार्ड लिंक किये जाने के नाम से अन्य ग्रुप में भेजा जा रहा था। अब RTO CHALLAN.apk के नाम से  सायबर फ्राड प्रारंभ किया गया  है।
   सरायपाली टीआई नितेश ठाकुर ने बताया कि यह सही है कि सायबर ठगों द्वारा नए नए टेक्निक के माध्यमो से फ्राड किया जा रहा है। सावधानी ही बचाव का सबसे बेहतर व सुरक्षित उपाय है। किसी भी अनजान नम्बर से फोन आये तो उसे कभी भी कोई भी जानकारी निजी या बैंकों से संबंधित नही देनी चाहिए। टीआई श्री ठाकुर ने कहा कि इसके बावजूद कोई व्यक्ति इस तरह के झांसे में जाने अनजाने आता है तो इसकी जानकारी तत्काल रूप से हेल्पलाइन नम्बर 1930 में रिपोर्ट करें साथ ही संबंधित बैंकों व पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए।

लगातार आ रही इस शिकायतों को गंभीरता से लेते हुवे महासमुंद परिवहन जिला अधिकारी व खम्हारपाली परिवहन जांच अधिकारी द्वारा आरटीओ ई चालान से संबंधित लिंक से सतर्क रहने की बात कही है । किसी भी संदिग्ध लिंक , एप फ़ाइल या व्यक्तिगत मोबाईल नंबर से दिए गए https://Ink.Ink/degeg2 pr क्लीक kr ओपन न करें । विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://echallan.parivahan.gov.in का ही उपयोग करें । किसी भी संदिग्ध लिंक, एप या फोन आने पर संबंधित पुलिस थाने में सूचना तत्काल देनी चाहिए ।
विदित हो कि पिछले वर्ष भी सारंगढ़ के ग्राम परसकोल के शासकीय स्कूल के प्रधानपाठक बुद्धदेव सोनवानी को पासवर्ड अपडेट करने के बहाने 1.84 लाख रुपये की ठगी एसबीआई योनो लिंक से की गई।

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