योग अब सिर्फ सेहत सुधारने का जरिया नहीं, बल्कि एक कॉर्पोरेट पावरहाउस बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक प्रभाव और बदलती लाइफस्टाइल के कारण आज योग इंडस्ट्री अरबों रुपये के टर्नओवर वाली इकोनॉमी में तब्दील हो चुकी है। एफएमसीजी (FMCG) से लेकर टेक और रिटेल सेक्टर तक की दिग्गज कंपनियां इस ‘योग क्रांति’ के जरिए तगड़ा मुनाफा कमा रही हैं।
पतंजलि: योग की ब्रांड वैल्यू से खड़ा किया FMCG साम्राज्य
योग गुरु बाबा रामदेव के योग शिविरों से शुरू हुआ सफर आज देश के सबसे बड़े एफएमसीजी साम्राज्यों में से एक बन चुका है। पतंजलि आयुर्वेद ने योग और वेलनेस के प्रति लोगों के भरोसे को अपने बिजनेस का आधार बनाया। आज कंपनी आयुर्वेदिक दवाओं से लेकर पर्सनल केयर और खाद्य उत्पादों के जरिए हर महीने करोड़ों का टर्नओवर हासिल कर रही है।
Decathlon: योगा गियर्स और एक्सेसरीज की बढ़ी भारी मांग
स्पोर्ट्स रिटेल दिग्गज डेकाथलॉन (Decathlon) ने भारत में योग की बढ़ती लोकप्रियता को एक बड़े कमर्शियल मौके के रूप में भुनाया है। कंपनी के योगा मैट, ब्लॉक्स, स्ट्रैप्स और स्पेशल योगा वियर की डिमांड हर साल, खासकर जून के महीने में, रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाती है। होम वर्कआउट के बढ़ते ट्रेंड ने इसके ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बिजनेस को जबरदस्त बूस्ट दिया है।
Cult.fit: सब्सक्रिप्शन मॉडल और डिजिटल योग से कमाई
फिटनेस चेन कल्ट.फिट (Cult.fit) ने योग को पारंपरिक स्टूडियो से बाहर निकालकर डिजिटल स्क्रीन पर ला खड़ा किया है। कंपनी ने योग, मेडिटेशन और मानसिक वेलनेस के लिए एक बेहद सफल सब्सक्रिप्शन-बेस्ड डिजिटल मॉडल तैयार किया है। ऐप के जरिए घर बैठे योग सीखने के क्रेज ने कंपनी के यूजर बेस और रेवेन्यू दोनों में भारी इजाफा किया है।
Noise और boAt: स्मार्टवॉच में योग और टेक का फ्यूजन
भारत के वियरेबल मार्केट पर राज करने वाली कंपनियां नोइज़ (Noise) और बोट (boAt) भी इस योग इकोनॉमी से मोटी कमाई कर रही हैं। आजकल की स्मार्टवॉच और फिटनेस बैंड्स में ‘योग मोड’, ‘ब्रीदिंग ट्रैकिंग’ और ‘स्ट्रेस मॉनिटरिंग’ जैसे फीचर्स इन-बिल्ट आ रहे हैं। योग करने वाले उपभोक्ता अपनी डेली एक्टिविटी को ट्रैक करने के लिए इन गैजेट्स पर दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।
भविष्य में जैसे-जैसे हेल्थ और प्रिवेंटिव केयर को लेकर लोगों की सजगता बढ़ेगी, इस योग-बिजनेस का दायरा और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है।