पिथौरा। भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष बिजे लाल साहू के नेतृत्व में आसपास के गांवों से पहुंचे लगभग 100 किसानों ने सोमवार को विभिन्न मांगों को लेकर पिथौरा तहसील कार्यालय का घेराव किया और मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) का घेराव किया जाएगा तथा प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
किसानों ने खाद-बीज की उपलब्धता, फसल बीमा, कृषि ऋण, मजदूर समस्या, राजस्व प्रकरणों के निराकरण और ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं सहित कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों ने प्रति एकड़ दो बोरी यूरिया उपलब्ध कराने की मांग की। उनका कहना है कि शासन द्वारा खाद की कमी नहीं होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन किसानों को आवश्यकता के अनुरूप यूरिया उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ बीज एवं उर्वरक भंडारों द्वारा यूरिया देने के नाम पर किसानों को अन्य उत्पाद एवं दवाइयां खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे किसानों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में रकबा समर्पण से प्रभावित किसानों के कर्ज, बीमा अंतर राशि एवं अन्य बकाया राशि माफ करने की मांग भी की गई। किसानों ने कहा कि मजदूरों की कमी के कारण खेती-किसानी प्रभावित हो रही है, इसलिए सरकार को इस समस्या के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
किसानों ने नामांतरण, बंटवारा, एग्रीस्टैक पंजीयन, पेसी एवं कथित फर्जी रजिस्ट्री के मामलों में किसानों को बार-बार पटवारी और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ने की शिकायत की। उन्होंने राजस्व प्रकरणों के त्वरित एवं पारदर्शी निराकरण की मांग की।
इसके अलावा भूरकोनी-मोहदा सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी के माध्यम से कराने, वन विभाग से आवश्यक एनओसी जारी करने, गांवों में बिजली एवं नल-जल आपूर्ति बहाल करने तथा कृषि विभाग द्वारा वर्षों से कथित रूप से वितरित किए जा रहे घटिया बीजों की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई। किसानों ने गांवों की शासकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की।
भारतीय किसान संघ के जिला उपाध्यक्ष बिजे लाल साहू ने कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम, आमरण अनशन और मुख्यमंत्री निवास घेराव जैसे आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
प्रदर्शन में युवराज साहू, संतोष साहू, शिवराज साहू, धनंजय साहू सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने कहा कि मांगों की लगातार अनदेखी होने पर चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
तहसील का किसानों ने किया घेराव, मांगें पूरी नहीं होने पर सीएम हाउस घेराव की चेतावनी

15
Jun