कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है। पार्टी की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने दावा किया है कि उनके नेतृत्व वाले गुट के साथ अब 22 सांसद जुड़ चुके हैं और जल्द ही दो अन्य सांसद भी इस समूह का हिस्सा बन सकते हैं।

काकोली घोष ने कहा कि बागी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात करेगा और संसद में अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता देने की मांग करेगा। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर कई जनप्रतिनिधि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से असंतुष्ट हैं और लगातार संपर्क में हैं।
सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों की अहम बैठक अब कोलकाता के बजाय दिल्ली में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आगे की रणनीति और संसदीय पहचान को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
हाल ही में 19 सांसदों के हस्ताक्षर वाला एक दस्तावेज भी सामने आया था, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष से अलग संसदीय गुट को मान्यता देने की मांग की गई थी। हालांकि इस संबंध में अभी तक लोकसभा सचिवालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
दूसरी ओर, टीएमसी के कई वरिष्ठ और चर्चित सांसद अब भी पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर उभरा यह राजनीतिक संकट आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी के भीतर बढ़ती यह हलचल राज्य की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है। अब सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष के साथ प्रस्तावित बैठक और उसके बाद होने वाले राजनीतिक घटनाक्रम पर टिकी हैं।