टेक डेस्क: एप्पल कंपनी ने अपने सालाना डेवलपर इवेंट यानी डब्ल्यूडब्ल्यूडीसी 2026 (WWDC 2026) के दौरान आईफोन और मैक यूजर्स के लिए अब तक के सबसे बड़े डिजिटल असिस्टेंट अपग्रेड का एलान किया है। कंपनी ने बिल्कुल नए अंदाज में रीडिजाइन किया हुआ सिरी असिस्टेंट, शानदार फोटो बनाने वाले टूल्स और एक सुपरफास्ट क्लाउड इंटेलिजेंस सिस्टम दुनिया के सामने रखा है। वैसे तो एप्पल हमेशा अपनी प्राइवेसी और खुद की तकनीक के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार कंपनी ने खुद माना है कि उसके कई सबसे एडवांस्ड फीचर्स असल में गूगल की तकनीक पर आधारित हैं और क्लाउड सर्वर में एनवीडिया के सुपर कंप्यूटर ग्राफिक्स कार्ड्स पर चलते हैं।
गूगल के जेमिनी मॉडल्स और एनवीडिया के ग्राफिक कार्ड्स का हो रहा इस्तेमाल
इस बड़े इवेंट के दौरान एप्पल के सॉफ्टवेयर चीफ क्रेग फेडरघी ने खुलासा किया कि कंपनी ने अपने नए एप्पल फाउंडेशन मॉडल्स (Apple Foundation Models) को तैयार करने के लिए गूगल के साथ हाथ मिलाया है। गूगल की मशहूर जेमिनी (Gemini AI) तकनीक का इस्तेमाल एप्पल के पूरे सिस्टम को चलाने के लिए किया जा रहा है। इसके साथ ही एप्पल के सबसे भारी-भरकम क्लाउड मॉडल को गूगल के ही सर्वर रूम में लगे एनवीडिया के ग्राफिक्स प्रोसेसर्स (Nvidia GPUs) पर रन किया जा रहा है। एप्पल के बड़े अधिकारी अमर सुब्रमण्य के मुताबिक, इस पूरी पार्टनरशिप के दौरान यूजर्स के पर्सनल डेटा की सुरक्षा और प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखा गया है और डेटा का कोई भी हिस्सा स्टोर नहीं किया जाता है।
आपके फोन पर क्या चल रहा है सब समझ जाएगा नया सिरी
सिस्टम नया सिरी असिस्टेंट अब पहले से कहीं ज्यादा इंसानी अंदाज में और बेहद नैचुरल भाषा में बात करने में सक्षम है। यह आपकी स्क्रीन पर खुली हुई चीजों को पढ़ सकता है, आपके पर्सनल काम के संदर्भों को समझ सकता है और एक ऐप से दूसरी ऐप में जाकर खुद से टास्क पूरे कर सकता है। जब आप अपने आईफोन पर कोई हल्का काम करेंगे, तो यह आपके फोन के प्रोसेसर का इस्तेमाल करेगा। लेकिन जैसे ही कोई बड़ा या मुश्किल काम आएगा, सिरी तुरंत इंटरनेट के जरिए एप्पल के प्राइवेट क्लाउड कंप्यूट (Private Cloud Compute) सिस्टम की मदद लेगा।
पुराने आईफोन यूजर्स को नहीं मिलेंगे नए फीचर्स
फोन में कम से कम 12जीबी रैम होना जरूरी अगर आप सोच रहे हैं कि यह नया सिरी सिस्टम आपके पुराने आईफोन पर भी काम करेगा, तो आपके लिए एक बुरी खबर है। एप्पल के इन नए और सबसे एडवांस्ड फीचर्स का फायदा उठाने के लिए आपके पास आईफोन 15 प्रो या उसके बाद के नए मॉडल्स होने चाहिए। कंपनी ने बताया है कि इस नए सिस्टम को चलाने के लिए मोबाइल या लैपटॉप में कम से कम 12जीबी की रैम (12GB RAM) होना अनिवार्य है। जिन आईपैड और मैकबुक में एम3 चिप (Apple M3 Chip) या उसके बाद के प्रोसेसर लगे हैं और 12जीबी रैम है, सिर्फ उन्हीं में ये फीचर्स चलेंगे। इसके साथ ही रेगुलेटरी नियमों के चलते शुरुआत में यह नया सिरी अपग्रेड यूरोपियन यूनियन के देशों और चीन में उपलब्ध नहीं होगा।