वॉशिंगटन (जॉर्जिया)। अमेरिका के जॉर्जिया राज्य से एक बेहद दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी की खुशियां कुछ ही घंटों में चीख-पुकार और मातम में बदल गईं। एक भारतीय मूल के जोड़े की शादी के ठीक बाद विदाई के दौरान उनका हेलीकॉप्टर घने जंगलों में क्रैश हो गया। इस भीषण हादसे में 26 वर्षीय भारतीय मूल के दूल्हे डेव फिजी और हेलीकॉप्टर के पायलट निखिल नरगुंडकर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 25 वर्षीय दुल्हन जेसनी रॉबिन्सन चमत्कारिक रूप से बच गईं, जो गंभीर रूप से घायल हैं।
खराब मौसम बना काल, उड़ान भरने के तुरंत बाद क्रैश
मिली जानकारी के अनुसार, नवविवाहित जोड़ा डेव फिजी और जेसनी रॉबिन्सन भारतीय मूल के हैं, जिनके माता-पिता केरल के रहने वाले हैं। शुक्रवार रात डॉसनविले के ‘द रेवेरे होटल’ में बेहद धूमधाम से उनकी शादी हुई, जिसमें करीब 400 मेहमान शामिल हुए थे। शादी के बाद विदाई को खास बनाने के लिए दोनों एक R66 हेलीकॉप्टर में सवार होकर डेकाल्ब-पीचट्री एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जिसे निखिल नरगुंडकर उड़ा रहे थे। लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद खराब मौसम और भारी बारिश के चलते हेलीकॉप्टर शादी स्थल के पास ही 10,000 एकड़ में फैले एक घने जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
‘6 घंटे तक पति की ठंडी लाश गोद में लिए बैठी रही…’
दूल्हे डेव के पिता जॉर्ज फिजी ने इस दर्दनाक हादसे की दास्तां बयां करते हुए बताया कि घने जंगल और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू टीम को मलबे तक पहुंचने में काफी समय लगा। दुल्हन जेसनी लगभग छह घंटे तक हेलीकॉप्टर के मलबे में फंसी रही। जॉर्ज के मुताबिक:
“जब जेसनी को होश आया, तो उसने मेरे बेटे डेव को अपनी गोद में बेसुध पाया। डेव का पूरा शरीर खून से लथपथ था और बिल्कुल ठंडा पड़ चुका था। जेसनी खुद पेशे से एक नर्स है, इसलिए वह छूते ही समझ गई कि डेव अब इस दुनिया में नहीं रहा।”
फिलहाल जेसनी को अटलांटा के एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। शारीरिक रूप से उसकी कोई हड्डी नहीं टूटी है, लेकिन इस भयानक त्रासदी से वह गहरे सदमे में है।
दूल्हे ने जताई थी चिंता, पर पायलट की जिद पड़ी भारी!
मृतक दूल्हा डेव फिजी खुद डेल्टा एयरलाइन में एक प्रोफेशनल कमर्शियल पायलट था। हादसे से पहले उसने खराब मौसम और तेज बारिश को देखते हुए उड़ान भरने पर चिंता भी जताई थी। डेव ने पायलट निखिल से कहा था कि विजिबिलिटी (दृश्यता) बिल्कुल शून्य है और ऐसे मौसम में उड़ान नहीं भरनी चाहिए। हालांकि, पायलट निखिल ने यह कहते हुए उड़ान भर ली कि वे अधिक ऊंचाई पर फ्लाई करेंगे, और यही फैसला अंततः जानलेवा साबित हुआ। फिलहाल राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) इस विमान हादसे के कारणों की बारीकी से जांच कर रहा है।