बेमेतरा में संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक, विकास योजनाओं से लेकर कानून-व्यवस्था तक की हुई गहन समीक्षा
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जनसमस्याओं के समाधान का सशक्त मंच, अधिकारियों को जवाबदेह और संवेदनशील बनने के निर्देश
बेमेतरा, 31 मई 2026:- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन-प्रशासन की सफलता का वास्तविक पैमाना जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता, जवाबदेही और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता है। अधिकारी आमजन की समस्याओं को केवल सुनें ही नहीं, बल्कि उनका त्वरित और प्रभावी निराकरण भी सुनिश्चित करें। जनता को शासकीय कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री श्री साय रविवार को अपने एक दिवसीय बेमेतरा प्रवास के दौरान जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित किये । बैठक में बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विभिन्न विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। साथ ही प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी संवाद कर योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचाना है। इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, संवेदनशील और परिणामोन्मुखी बनना होगा। उन्होंने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा जब आम नागरिक को उसकी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जनसमस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक अपनी शिकायतें सरलता से दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी सीधे उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच की दूरी कम करने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी तथा यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।
राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए कहा कि समय-सीमा से बाहर और एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन एवं अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे आम जनता के जीवन और अधिकारों से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने राजस्व अभिलेखों में त्रुटियों के सुधार तथा जानबूझकर गलतियां करने वाले पटवारियों एवं संबंधित कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
सुशासन तिहार का सकारात्मक प्रभाव दिखाई दे रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में आयोजित सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और जनता के बीच संवाद मजबूत हुआ है तथा लोगों को योजनाओं का लाभ तेजी से मिल रहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनसेवा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत और आवेदन का गंभीरता से निराकरण करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है। अधिकारियों को यह समझना होगा कि जनसमस्याओं का समाधान करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।
पेयजल, स्वास्थ्य और मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा
ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की और नागरिकों को पर्याप्त एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने के साथ मौसमी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए स्वास्थ्य विभाग आवश्यक दवाइयों, चिकित्सा दलों और संसाधनों की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, यह प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।
ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त, अफवाह फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अपील का उल्लेख करते हुए डीजल एवं पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाहें फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।
किसानों को खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज के भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया।
ड्रोन दीदी योजना से बढ़ेगी महिलाओं की आय
महिला सशक्तिकरण की दिशा में कार्यों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिक संख्या में ‘ड्रोन दीदी’ तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जाए। इससे कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं की आय में भी वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री आवास, सूर्य घर योजना और आयुष्मान भारत की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना, जल जीवन मिशन, बिहान योजना तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के माध्यम से अधिक से अधिक परिवारों को लाभान्वित किया जाए ताकि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ सके। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए।
शिक्षा गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था तथा देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की भी विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
समन्वित प्रयासों से विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आह्वान
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय, बेहतर तालमेल और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण के साथ कार्य करें ताकि आमजन के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों के समर्पित और समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी एवं विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद विजय बघेल, विधायक ईश्वर साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना योगेश तिवारी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, दुर्ग संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य सहित बेमेतरा, दुर्ग, राजनांदगांव, कबीरधाम तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के अन्य जिलों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।