कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर विवाद खड़ा हो गया। धर्मांतरण के आरोपों के बीच ग्रामीणों ने गांव में अंतिम संस्कार का विरोध किया, जिससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। मामला बढ़ता देख पुलिस को तत्काल हस्तक्षेप करना पड़ा।
यह घटना भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के इरागांव की है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी गणेशिया नेताम की बीमारी के बाद मृत्यु हो गई थी। परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और महिला पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए गांव में अंतिम संस्कार का विरोध शुरू कर दिया।
देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस बढ़ गई। माहौल तनावपूर्ण होने लगा। सूचना मिलते ही भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए दोनों पक्षों से बातचीत की और लोगों को समझाइश दी।
काफी देर तक चली चर्चा के बाद समाधान निकाला गया। मृतिका के परिजन शव को दूसरे स्थान पर ले जाकर अंतिम संस्कार करने के लिए सहमत हो गए। इसके बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हुई और संभावित विवाद टल गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हालात फिलहाल नियंत्रण में हैं, लेकिन प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। स्थानीय प्रशासन ने ग्रामीणों से संयम बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से ही किया जाना चाहिए।
भानुप्रतापपुर और आसपास के क्षेत्रों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में स्थिति शांत बताई जा रही है और प्रशासन लोगों से आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है।