Mahasamund LPG Scam: महासमुंद के 1.5 करोड़ के एलपीजी घोटाले में बड़ी कामयाबी; महाराष्ट्र के कोल्हापुर से बाप-बेटा गिरफ्तार

महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के बहुचर्चित डेढ़ करोड़ रुपये के एलपीजी गैस घोटाले (Mahasamund LPG Gas Scam) में पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में काफी लंबे समय से फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों, ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और उसके बेटे सार्थक सिंह ठाकुर को पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर (Kolhapur Maharashtra) से दबोच लिया है। पुलिस दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड (Transit Remand) पर महासमुंद ले आई है, जहां उनसे कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

मास्टरमाइंड फूड अफसर और भाजपा नेता से होगा आमना-सामना (LPG Scam Mastermind Investigation)

महासमुंद पुलिस अब इस पूरे घोटाले की कड़ियों को जोड़ने के लिए सभी मुख्य आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी में है। इस खेल का असली मास्टरमाइंड निलंबित जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव (Suspended Food Officer Ajay Yadav) है। उसके साथ गौरव गैस एजेंसी का संचालक व भाजपा नेता पंकज चंद्राकर, पेट्रोकेमिकल्स का मैनेजर निखिल वैष्णव और व्यापारी मनीष चौधरी पहले ही पुलिस की रडार पर हैं।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि अवैध रूप से बेची गई करीब 92 टन एलपीजी गैस के बदले करीब 80 लाख रुपये का लेन-देन (Illegal Money Laundering) हुआ था। इस काली कमाई में से अकेले तत्कालीन फूड अफसर अजय यादव को 50 लाख रुपये मिले थे। वहीं, गैस एजेंसी संचालक पंकज चंद्राकर को 20 लाख और बिचौलिए मनीष चौधरी को 10 लाख रुपये का हिस्सा दिया गया था। इस हाई-प्रोफाइल मामले में अब तक 6 गिरफ्तारियां (Total Arrests in LPG Case) हो चुकी हैं।

90 लाख में हुआ था सरकारी गैस का सौदा (Government Property Embezzlement)

पुलिस के मुताबिक, इस पूरे एलपीजी गबन की तगड़ी प्लानिंग अधिकारी अजय यादव ने ही रची थी। छह गैस कैप्सूलों में भरी एलपीजी को ठिकाने लगाने के लिए शुरुआत में सौदागरों से 1 करोड़ 30 लाख रुपये मांगे गए थे। कई व्यापारियों के मना करने के बाद पंकज चंद्राकर ने मनीष चौधरी के जरिए ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स के मालिकों से संपर्क साधा। करीब एक हफ्ते तक चले मोलभाव के बाद आखिरकार यह सौदा 90 लाख रुपये में तय हुआ था। पुलिस इस रैकेट में शामिल कुछ अन्य बड़े अफसरों और सफेदपोशों के नामों की भी बारीकी से जांच (Financial Fraud Investigation) कर रही है, जिससे जल्द ही कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की उम्मीद है।

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