रायपुर: राजधानी रायपुर से सटे मंदिर हसौद इलाके में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक स्टील प्लांट में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत भुवनेश्वर यादव नाम के युवक की शराब पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोपियों ने साक्ष्य छुपाने के इरादे से शव को महासमुंद जिले में महानदी के किनारे रेत में दफना दिया था। इस सनसनीखेज हत्याकांड में स्थानीय पार्षद गोलू रात्रे और उसके साथियों का नाम सामने आया है, जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
शराब पार्टी में गाली-गलौज और फिर अपहरण
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक भुवनेश्वर यादव, पार्षद गोलू रात्रे और उनके अन्य साथी एक साथ मिलकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर भुवनेश्वर और पार्षद के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच तीखी बहस और गाली-गलौज होने लगी। इसके बाद गुस्साए पार्षद ने अपने साथियों के साथ मिलकर भुवनेश्वर को जबरदस्ती अपनी कार में बैठाया और वहाँ से लेकर रफूचक्कर हो गए।
पीट-पीटकर मार डाला, शव को रेत में छुपाया
आरोपी युवक को महासमुंद जिले में महानदी के किनारे ले गए, जहाँ उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। गंभीर चोटें आने के कारण भुवनेश्वर की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए नदी किनारे रेत में गहरा गड्ढा खोदकर उसे दफना दिया। भुवनेश्वर 22 मई से लापता था और परिजनों ने मंदिर हसौद थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
हत्या के बाद पार्षद करता रहा ढूंढने का ढोंग
जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मौत से ठीक पहले भुवनेश्वर ने अपनी पत्नी के मोबाइल पर पार्षद गोलू रात्रे से बात भी करवाई थी। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि हत्या के बाद आरोपी पार्षद पूरी तरह अनजान बनकर पीड़ित परिवार के सामने घूमता रहा। उसने परिजनों के साथ मिलकर भुवनेश्वर को तलाशने का ढोंग रचा। यहाँ तक कि उसने परिवार को एक बैगा (तांत्रिक) के पास ले जाकर यह तक कहलवा दिया कि भुवनेश्वर को कोई प्रेत आत्मा उठाकर ले गई है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, पार्षद पर अवैध धंधों के आरोप
जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की तो पार्षद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर महानदी की रेत से शव को बरामद किया गया। घटना की जानकारी मिलते ही भुवनेश्वर के परिजन और भारी संख्या में ग्रामीण आक्रोशित होकर मंदिर हसौद थाने के बाहर जमा हो गए और उग्र प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पार्षद इलाके में कई तरह के अवैध धंधों से जुड़ा हुआ है। फिलहाल रायपुर और महासमुंद पुलिस की टीमें मिलकर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई हैं।