खेत बनाने हजारो वृक्षों की अवैध कटाई, न्यायिक जांच, कार्यवाही की मांग

भानुप्रतापपुर। कांकेर जिले के कोयलीबेडा क्षेत्र में हजारों साल पुराने साल वृक्षों की कथित अवैध कटाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार, वन मंत्री और वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने इसे पर्यावरण और आदिवासी समाज के खिलाफ बड़ा अपराध बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।
आम आदमी पार्टी के जिला महासचिव शिव पोटाई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि एक ओर भाजपा सरकार “एक पेड़ मां के नाम” अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर सत्ता से जुड़े लोगों के संरक्षण में जंगलों की अंधाधुंध कटाई हो रही है।


उन्होंने आरोप लगाया कि कांकेर जिले के कोयलीबेडा क्षेत्र अंतर्गत वनखण्ड जुनागावडे के कक्ष क्रमांक P/1315 में 2000 से 3000 साल पुराने साल वृक्षों की अवैध कटाई की गई है। स्थानीय ग्रामीणों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि इस पूरे मामले में भाजपा से जुड़े लोगों और लकड़ी माफियाओं की भूमिका है तथा वन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
शिव पोटाई ने कहा कि यदि कोई गरीब किसान या आदिवासी ग्रामीण अपने उपयोग के लिए एक पेड़ काटता है तो वन विभाग तत्काल कार्रवाई करता है, लेकिन सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने वन मंत्री केदार कश्यप और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगते हुए कहा कि आखिर अब तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि साल वृक्ष केवल लकड़ी नहीं बल्कि आदिवासी संस्कृति, परंपरा और पर्यावरण संतुलन का आधार हैं। जंगलों से हजारों ग्रामीण परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है और इनके नष्ट होने से जलस्रोत, बारिश और पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ेगा।
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन करेगी। पार्टी द्वारा क्षेत्र में जनजागरण अभियान चलाने और जिला से राजधानी तक प्रदर्शन करने की भी बात कही गई है।
पार्टी की प्रमुख मांगों में पूरे मामले की न्यायिक जांच, अवैध कटाई में शामिल लोगों पर एफआईआर, जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन, अवैध कटाई पर रोक और बड़े स्तर पर पुनः वृक्षारोपण शामिल हैं।
बताया गया कि कथित कटाई का मामला अंतागढ़ परिक्षेत्र के वनखण्ड जुनागावडे, मुनारा क्रमांक 35 और कक्ष क्रमांक P/1315 से जुड़ा हुआ है।

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