मीडिया और जनप्रतिनिधि प्रशासन के मजबूत सहयोगी, अधिकारियों के लिए संवेदनशील संवाद जरूरी : सुभाष मिश्रा


रायपुर। मीडिया और जनप्रतिनिधि शासन-प्रशासन के लिए फीडबैक का सबसे सशक्त माध्यम हैं और किसी भी अधिकारी को अपनी भूमिका प्रभावी ढंग से निभाने में ये दोनों महत्वपूर्ण सहयोगी साबित होते हैं। यह बात ‘आज की जलधारा’ के प्रधान संपादक एवं पूर्व अपर संचालक जनसंपर्क सुभाष मिश्रा ने छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) 2025 बैच के प्रशिक्षु अधिकारियों के लिए आयोजित “मीडिया और जनप्रतिनिधियों के साथ सम व्यवहार” विषयक प्रशिक्षण सत्र में सुभाष मिश्रा ने अधिकारियों को मीडिया की कार्यप्रणाली, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और प्रशासन के साथ उनके समन्वय को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एक सफल प्रशासनिक अधिकारी वही होता है जो जनता, मीडिया और जनप्रतिनिधियों के साथ संतुलित और संवेदनशील संवाद बनाए रखे।


प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में 27 अप्रैल से 19 जून तक आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों गोकुल आर., निशान जायसवाल और भैयवत यशवंत नायक ने मीडिया से जुड़े अनेक व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम की शुरुआत कोर्स डायरेक्टर अभिषेक दुबे ने प्रशिक्षण की रूपरेखा और उद्देश्य की जानकारी देकर की। इसके बाद सुभाष मिश्रा ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित देश के मीडिया परिदृश्य, जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली तथा प्रशासन के साथ उनके संबंधों पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने अधिकारियों को बताया कि वर्तमान दौर में मीडिया केवल सूचना का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभा रहा है। ऐसे में प्रशासनिक अधिकारियों के लिए यह आवश्यक है कि वे मीडिया के साथ सकारात्मक और पारदर्शी संवाद बनाए रखें।


प्रशिक्षण में शामिल तीनों अधिकारी अलग-अलग राज्यों से संबंध रखते हैं और वर्तमान में बस्तर, रायगढ़ तथा कोरबा जिलों में पदस्थ हैं। लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में प्रारंभिक प्रशिक्षण के बाद राज्य में पदस्थापना मिलने पर अधिकारियों को संबंधित राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था, नियम-कानून और स्थानीय परिस्थितियों से परिचित कराने के लिए राज्य प्रशासन अकादमी में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है।


इसी उद्देश्य से इन अधिकारियों को एक माह तक अकादमी में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक कार्यप्रणाली, सामाजिक परिवेश और जन अपेक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ सकें तथा भविष्य में अधिक प्रभावी प्रशासनिक भूमिका निभा सकें।

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