रायपुर में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ की पहली प्रांतीय बैठक: ‘पेंशन भीख नहीं हमारा अधिकार’, 2000 करोड़ के भुगतान की मांग

हिंगोरा सिंह, रायपुर: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की पहली प्रांतीय बैठक राजधानी रायपुर के शांतिनगर स्थित विमतारा भवन में संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यभर के प्रांतीय पदाधिकारी, विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और कार्यकारिणी के सदस्य भारी संख्या में शामिल हुए। बैठक के मुख्य अतिथि संघ के संरक्षक और सेवानिवृत्त आईएएस (IAS) अनुराग पाण्डेय थे, जबकि अध्यक्षता संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने की।

पेंशन भीख नहीं, हमारा हक: वीरेंद्र नामदेव (Pensioners Rights India)

बैठक को संबोधित करते हुए प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने कड़े शब्दों में कहा, “पेंशन कोई भीख नहीं है, यह हमारा अधिकार है।” उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की कि मध्य प्रदेश से मिली 2000 करोड़ रुपये की महंगाई राहत (Dearness Relief) राशि को बिना किसी देरी के पेंशनरों को भुगतान करने का आदेश जारी किया जाए। वहीं, मुख्य अतिथि अनुराग पाण्डेय ने पेंशनरों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि हम सभी केवल शासकीय कार्यों से सेवानिवृत्त (Retired) हुए हैं, सामाजिक और आर्थिक कार्यों से नहीं।

केंद्र की तर्ज पर तुरंत मिले महंगाई भत्ता (Dearness Allowance Demand)

संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप सोनी ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने मांग उठाई कि जिला कोषालय अधिकारी से तालमेल बिठाकर सभी पेंशनर साथियों के ‘पेंशन कार्ड’ (Pension Card) जल्द से जल्द बनवाए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने जोर दिया कि जैसे ही केंद्र सरकार महंगाई भत्ते या राहत भत्ते का एलान करती है, राज्य सरकार को भी उसी देय तिथि से पेंशनरों को भत्ता देने का आदेश जारी करना चाहिए। बैठक को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्रोपदी यादव और संगठन मंत्री टी पी सिंह ने भी संबोधित किया।

दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि और राष्ट्रगान के साथ समापन (Surguja Division Presence)

इस प्रांतीय बैठक में सरगुजा संभाग से भी विशेष प्रतिनिधि पहुंचे थे, जिनमें श्रीमती सी एम सिन्हा, गुरुचरण सिंह, अनिल तिवारी, के के तिवारी और एस एन कुशवाहा प्रमुख रूप से शामिल रहे। बैठक के आखिरी चरण में संघ के उन साथियों को याद किया गया जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत साथियों को भावभीनी श्रद्धांजलि (Condolence) दी। इसके बाद राष्ट्रगान (National Anthem) के साथ सभा का गरिमापूर्ण समापन हुआ।

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