सरकारी खजाने पर कुंडली मारने वाले 11 पूर्व सरपंच जाएंगे जेल, एसडीएम कोर्ट का बड़ा एक्शन


अभनपुर (रायपुर)। छत्तीसगढ़ के अभनपुर इलाके से इस वक्त एक बहुत बड़ी खबर आ रही है। सरकारी पैसे का गबन करने वाले 11 पूर्व सरपंचों को अब जेल की हवा खानी पड़ेगी। एसडीएम कोर्ट (SDM Court Abhanpur) ने इन सभी के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए 30 दिनों के लिए सिविल जेल भेजने का फरमान सुना दिया है। कोर्ट के इस फैसले से पूरे इलाके के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

इन सभी पूर्व सरपंचों पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जनता के विकास के लिए आई शासकीय राशि का हेरफेर किया। बाद में जब जांच हुई और पैसे वापस जमा करने को कहा गया, तो इन्होंने सरकारी आदेश को ठेंगे पर रख दिया।

संपत्ति कुर्क हुई, फिर भी नहीं चुकाया पैसा

यह मामला सिर्फ नोटिस तक ही सीमित नहीं था। एसडीएम कोर्ट ने इन पूर्व सरपंचों को अपनी गलती सुधारने का पूरा मौका दिया था। प्रशासन ने पहले मांग नोटिस जारी किया और उसके बाद इनकी चल-अचल संपत्ति तक जब्त कर ली थी। जांच में यह बात भी साफ हो गई कि इन सभी के पास सरकारी रकम लौटाने के पर्याप्त साधन मौजूद थे। इसके बावजूद, ये लोग गबन की गई राशि को राजकोष (Government Treasury) में जमा करने में लगातार हीलाहवाली कर रहे थे।

कारण बताओ नोटिस का नहीं दिया जवाब, अब सीधे जेल का वारंट

एसडीएम कोर्ट ने आखिरी मौके पर सभी को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था। उनसे पूछा गया था कि इस कृत्य के लिए क्यों न उन्हें सीधे जेल भेज दिया जाए? लेकिन किसी भी पूर्व सरपंच ने इस नोटिस का कोई संतोषजनक या कानूनी जवाब नहीं दिया। आखिरकार कोर्ट ने कड़ा फैसला लेते हुए सभी को 30 दिन या फिर राशि जमा होने तक सिविल जेल भेजने का वारंट जारी कर दिया। थाना प्रभारी और रायपुर केंद्रीय जेल के अधीक्षक को इस आदेश की तामिली के लिए पत्र भेज दिया गया है।

एसडीएम ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर ये पूर्व सरपंच अब भी पूरी रकम सरकारी खाते में जमा कर देते हैं, तो उन्हें जेल की सलाखों के पीछे नहीं जाना पड़ेगा।

जानिए किस पूर्व सरपंच पर है कितने का गबन:

  • रामेश्वर प्रसाद डहरिया (परसुलीडीह): 5 लाख 90 हजार 387 रुपए
  • थनवार बारले (पचेड़ा): 3 लाख 80 हजार रुपए
  • सावित्री यादव (गोतियारडीह): 2 लाख 47 हजार 34 रुपए
  • तुकाराम कारले (भोथीडीह): 2 लाख रुपए
  • सेवाराम यादव (घोंठ): 1 लाख 96 हजार रुपए
  • सेवेंद्र तारक (तोरला): 1 लाख 56 हजार 915 रुपए
  • गोपाल ध्रुव (कुर्रु): 80 हजार रुपए
  • राधेश्याम लहरी (घुसेरा): 80 हजार रुपए
  • गोपेश ध्रुव (आलेखुंटा): 50 हजार रुपए
  • धर्मेंद्र यदु (चंपारण): 30 हजार 700 रुपए
  • तुलसीराम बारले (खोला): 20 हजार 927 रुपए

ग्राउंड रिपोर्ट: जनता की गाढ़ी कमाई और विकास के पैसे का दुरुपयोग करने वालों पर प्रशासन की यह कार्रवाई एक बड़ा सबक है। इलाके के लोग इस कड़े फैसले का स्वागत कर रहे हैं।

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