डीजल रिजर्व आदेश पर उठे सवाल, सरकार की मंशा पर कांग्रेस ने जताई चिंता

भानुप्रतापपुर। प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर भाजपा सरकार के दावों के बीच कलेक्टर कार्यालय द्वारा पेट्रोल पंप संचालकों को 5000 लीटर डीजल रिजर्व रखने के निर्देश जारी किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस आदेश को लेकर सरकार की तैयारियों और वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

भानुप्रतापपुर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुनील पाढ़ी ने बयान जारी कर कहा कि यदि प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है, तो रिजर्व स्टॉक रखने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह व्यवस्था किसी वीआईपी दौरे को ध्यान में रखकर की गई है या फिर प्रशासन को सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के बीच जारी इस आदेश ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील कर रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आदेश जारी कर खुद भ्रम और असमंजस की स्थिति पैदा कर रही है।सुनील पाढ़ी ने कहा कि प्रशासन की ओर से अब तक इस आदेश के पीछे की स्पष्ट वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे आम लोगों के बीच ईंधन आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता के साथ वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए कहा कि जनता को विरोधाभासी संदेश देकर भ्रमित नहीं किया जाना चाहिए।

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