लोन दिलाने के नाम पर खुलवाते थे म्यूल अकाउंट, साइबर फ्रॉड और क्रिकेट सट्टे में होता था इस्तेमाल

दुर्ग पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार, बैंक दस्तावेज और मोबाइल जब्त

रमेश गुप्ता भिलाई। दुर्ग पुलिस द्वारा साइबर अपराध और अवैध आर्थिक गतिविधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना छावनी पुलिस ने म्यूल बैंक खाता, फर्जी पासबुक और एटीएम के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी तथा क्रिकेट सट्टे में उपयोग किए जा रहे नेटवर्क का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और अन्य दस्तावेज एकत्र करते थे, जिनका उपयोग बाद में साइबर फ्रॉड और अवैध लेन-देन में किया जाता था।


बैकुण्ठ धाम आंगनबाड़ी परिसर से चल रहा था खेल
थाना छावनी क्षेत्र अंतर्गत बैकुण्ठ धाम आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-25 परिसर में कुछ लोगों द्वारा लोन दिलाने के नाम पर बैंक खातों और पासबुक की जानकारी एकत्र किए जाने की सूचना पुलिस को मिली थी।
जांच में सामने आया कि इन खातों का इस्तेमाल म्यूल अकाउंट के रूप में किया जा रहा था। इन खातों के जरिए साइबर ठगी, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और क्रिकेट सट्टे जैसी गतिविधियों को संचालित किया जा रहा था।
सूचना मिलते ही पुलिस ने की रेड कार्रवाई
दिनांक 16 मई को थाना छावनी पुलिस को सूचना मिली कि जावेद अख्तर नामक व्यक्ति, आकाश जायसवाल के माध्यम से बैंक खाते और पासबुक एकत्र कर उन्हें अवैध गतिविधियों में उपयोग के लिए उपलब्ध करा रहा है।
छावनी थाना प्रभारी अमित अदानी ने बताया कि सूचना पर पुलिस टीम ने रेड कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों से बैंक खाते और पासबुक लोन दिलाने के बहाने प्राप्त करते थे और बाद में मोटी रकम लेकर अन्य लोगों को उपलब्ध कराते थे।
पुलिस ने जब्त किए बैंक दस्तावेज और मोबाइल
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बैंक खाते एवं पासबुक से संबंधित दस्तावेज तथा वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना छावनी में धारा 319 एवं 318(4) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। दोनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
आरोपी कौन हैं

  1. आकाश जायसवाल
    निवासी – शारदा पारा, कैम्प-02 भिलाई,2. जावेद अख्तर
    निवासी – मदर टेरेसा नगर, कैम्प-01 भिलाई

क्या है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसे बैंक खातों को कहा जाता है जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधी अवैध पैसों के लेन-देन के लिए करते हैं। कई बार लोगों को लालच या झांसे में लेकर उनके बैंक खाते इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे वे भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं।
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पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम, पासबुक या ओटीपी उपलब्ध न कराएं। लोन दिलाने या पैसा कमाने के नाम पर बैंक दस्तावेज साझा करना गंभीर अपराधों में आपकी संलिप्तता साबित कर सकता है।

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